मुंबई। हिंदी सिनेमा के रोमांस किंग शाहरुख खान ने उम्र के 60वें पड़ाव में कदम रखा है, लेकिन उनकी लोकप्रियता, उनका हुनर और उनका मोहब्बत भरा अंदाज़ आज भी उतना ही ताज़ा है जितना तीन दशक पहले था। उनकी मुस्कान और फैले हुए बाहें अब भी दर्शकों के दिलों की धड़कनें तेज़ कर देती हैं। करण जौहर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में कहा था, “HE IS NOT JUST A STAR; HE IS AN EMOTION.” यह बात उन करोड़ों लोगों के लिए बिल्कुल सच है जिन्होंने अपने जीवन का कोई न कोई हिस्सा शाहरुख की फ़िल्मों में संजोया है।
1990 के दशक में बाज़ीगर, डर और अंजाम जैसी फ़िल्मों में विलेन के रूप में शुरुआत करने वाले शाहरुख जल्द ही वह चेहरा बन गए जिसने भारत में मोहब्बत की परिभाषा बदल दी। उन्होंने सिखाया कि “प्यार दोस्ती है” और प्रेम सिर्फ़ चाहत नहीं, बराबरी और सम्मान भी है। उनके रोमांटिक किरदारों में मिठास और शरारत तो थी ही, साथ ही एक आधुनिक सोच भी थी जिसने पूरे भारत में रिश्तों को देखने का नज़रिया बदल दिया।
शाहरुख खुद कहते हैं कि उनकी फ़िल्मों की सफलता की सबसे बड़ी वजह महिलाओं को सम्मानजनक रूप में प्रस्तुत करना है। उनका मानना है कि मज़ाक या नटखटपन अपनी जगह है, लेकिन किसी भी फ़िल्म में महिलाओं का चित्रण हर स्तर पर बेहतरीन होना चाहिए। शायद इसी वजह से वे एक ऐसे रोमांटिक हीरो बने जिन्होंने सिर्फ़ दिल ही नहीं जीते, बल्कि दिमाग पर भी एक सकारात्मक असर छोड़ा।
सिर्फ़ भारत ही नहीं, दुनिया के हर हिस्से में शाहरुख खान को उतना ही प्यार मिलता है। उनका ग्लोबल स्टारडम इस बात का सबूत है कि सिनेमा की भाषा दिल की होती है। पेरू, पोलैंड, मलेशिया, दुबई जहाँ भी जाइए, SRK का नाम ही पहचान बन जाता है। इसी लोकप्रियता की एक मिसाल कुछ साल पहले तब देखने को मिली जब मिस्र के एक ट्रैवल एजेंट ने भारतीय पर्यटक से केवल इतना कहकर बुकिंग कर ली “आप शाहरुख खान के देश से आते हैं, आपको भरोसा है।” यह ट्वीट उस समय इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ था।
https://x.com/_ADeshpande/status/1476942899187048450
शाहरुख की यही खूबी है कि वे सिर्फ़ पर्दे पर नहीं, असल ज़िंदगी में भी अपने फैंस के दिलों में बसा हुआ एक एहसास हैं। वे अपनी विनम्रता से, अपने व्यवहार से और अपने शब्दों से लोगों को खुद से जोड़ लेते हैं। शायद इसीलिए वे खुद को मुस्कुराते हुए ‘THE LAST OF THE SUPERSTARS’ कहते हैं और इसमें कोई दो राय नहीं कि यह सच है। 60 की उम्र में शाहरुख खान सिर्फ़ जश्न नहीं मना रहे, बल्कि अपने सफ़र की ऐसी विरासत को फिर से मज़बूती से पेश कर रहे हैं जो आने वाली पीढ़ियाँ भी याद रखेंगी। उनका स्टारडम सिर्फ़ फ़िल्मों से नहीं, बल्कि उस इंसानियत से जगमगाता है जो उन्हें असल मायनों में दुनिया का सबसे प्यारा सुपरस्टार बनाता है।





