साल का वो दिन जब बाज़ारों में रौनक होती है, लोगों के चेहरों पर चमक और उम्मीद का उजाला झलकता है। इस दिन सिर्फ़ ख़रीदारी नहीं होती, बल्कि लोगों के मन में नई शुरुआत का विश्वास जगता है। ऐसा माना जाता है कि धनतेरस पर की गई हर शुभ ख़रीद आने वाले साल में समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग खोलती है।
ज्योतिषाचार्यों और पंडितों के अनुसार, इस वर्ष धनतेरस पर सोना, चांदी, तांबा, पीतल और स्टील की चीज़ें ख़रीदना सबसे शुभ रहेगा। वहीं, झाड़ू, नए बर्तन, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, या धनवंतरि जी की प्रतिमा घर लाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में स्थायी बरकत बनी रहती है।
इस बार लोग सिर्फ़ पारंपरिक ख़रीद तक सीमित नहीं हैं। वाहन, मोबाइल, लैपटॉप, और घर की नई सजावट की वस्तुएं भी धनतेरस की ख़रीदारी लिस्ट में शामिल हैं। कई ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि इस दिन किया गया निवेश चाहे छोटा हो या बड़ा, पूरे साल सकारात्मक परिणाम देता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोना या चांदी का सिक्का खरीदकर पूजा स्थल पर स्थापित करना मां लक्ष्मी की कृपा पाने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। इस सिक्के को दीपावली की पूजा में शामिल करने से पूरे घर में शुभ ऊर्जा फैलती है।
बाज़ारों में भी धनतेरस का उत्साह चरम पर है। दुकानों में सजे नए बर्तन, सुनहरी ज्वेलरी और चांदी के सिक्कों के बीच हर कोई यही सोचता दिख रहा है “इस बार क्या खरीदें जो सबसे शुभ हो?”
एक व्यापारी ने मुस्कुराते हुए कहा, “धनतेरस पर लोग सिर्फ़ चीज़ें नहीं खरीदते, वे उम्मीदें खरीदते हैं।”
तो इस धनतेरस, खरीदारी से पहले याद रखें की वस्तु का मूल्य नहीं, भावना की पवित्रता और नीयत की शुभता ही असली सौभाग्य लाती है।





