खास खबर: 10 साल बाद B.Ed 1-Year Course की वापसी, सरकार ने किया बड़ा फैसला!
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव हुआ है – लगभग 10 साल बाद फिर से 1-वर्षीय B.Ed कोर्स को लागू किया गया है, जिससे अब शिक्षण पेशे में आने के इच्छुक हजारों युवा जल्दी और कम खर्च में शिक्षक बन सकते हैं।
यह निर्णय राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत लिया गया है। इससे पहले यह कोर्स 2014 तक उपलब्ध था, लेकिन बाद में 2-वर्ष का B.Ed ही मानक था। अब 1-वर्ष में ही B.Ed डिग्री पूरी की जा सकेगी।
क्या है 1-वर्षीय B.Ed Course?
1-वर्षीय B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) एक पेशेवर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे उन उम्मीदवारों के लिए डिजाइन किया गया है जिन्होंने पहले ही अपनी उच्च शिक्षा (स्नातक/स्नातकोत्तर) पूरी कर ली है। इस कोर्स के माध्यम से उम्मीदवार कम समय में शिक्षण कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल कर सकते हैं, ताकि वे स्कूलों में शिक्षक के रूप में काम कर सकें।
पात्रता (Eligibility Criteria)
कोर्स में प्रवेश के लिए निम्न योग्यताएं जरूरी हैं:
✔️ चार वर्षीय स्नातक डिग्री (BA, BSc, BCom आदि) या
✔️ स्नातकोत्तर (Postgraduate) डिग्री
✔️ न्यूनतम अंक: सामान्य वर्ग के लिए 50%, SC/ST/OBC के लिए 45%
✔️ आयु सीमा: कोई भी आयु सीमा नहीं – किसी भी उम्र में आवेदन किया जा सकता है
ध्यान दें: तीन वर्षीय स्नातक धारक अगर आसान तरीके से 1-वर्षीय B.Ed में प्रवेश चाहते हैं तो उन्हें पोस्टग्रेजुएट डिग्री या 4-वर्षीय स्नातक होना आवश्यक होगा।
प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)
B.Ed के लिए प्रवेश प्रक्रिया संस्थान के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है – आम तौर पर:
➡️ ऑनलाइन आवेदन: कॉलेज/विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है।
➡️ प्रवेश परीक्षा: कुछ संस्थान एंट्रेंस टेस्ट लेते हैं, जिसमें शिक्षण योग्यता, सामान्य ज्ञान और विषय आधारित प्रश्न होते हैं।
➡️ मेरिट आधारित चयन: कई कॉलेज पूर्व शैक्षणिक अंक के आधार पर प्रवेश देते हैं।
➡️ काउंसलिंग: मेरिट लिस्ट के बाद दस्तावेज़ सत्यापन और फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित होता है।
फीस (Fee Structure)
1-वर्षीय B.Ed कोर्स की फीस पूरी तरह संस्थान और राज्य पर निर्भर करती है। मोटे तौर पर:
सरकारी कॉलेज: 20,000 से 30,000
निजी कॉलेज: कुछ संस्थानों में अधिक हो सकती है
सरकारी और निजी कॉलेजों में फीस अलग-अलग होती है, लेकिन इस कोर्स को सामान्य B.Ed की तुलना में काफी किफायती रखा गया है ताकि ज्यादा छात्रों को लाभ मिल सके।
सिलेबस और कोर्स सामग्री
1-वर्षीय B.Ed कोर्स में आमतौर पर निम्न विषय शामिल होते हैं:
शिक्षा का इतिहास और दर्शन
बाल मनोविज्ञान और सीखने के सिद्धांत
शिक्षण पद्धतियाँ एवं शैक्षिक प्रौद्योगिकी
स्कूल प्रबंधन और अध्यापन कार्यशाला
प्रैक्टिकल टीचिंग अनुभव और इंटर्नशिप
फायदे (Benefits)
✔️ समय की बचत: सिर्फ 1 वर्ष में डिग्री पूरा।
✔️ कम खर्च: पारंपरिक दो साल की तुलना में कम फीस।
✔️ जल्दी रोजगार: शिक्षक भर्ती, सरकारी/प्राइवेट स्कूलों में नौकरी के अवसर बढ़ते हैं।
✔️ व्यावहारिक प्रशिक्षण: कक्षा में असली अध्यापन अनुभव मिलता है।





