जमशेदपुर:
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठित संस्थान राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में आगामी 15वें दीक्षांत समारोह की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। यह दीक्षांत समारोह सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को संस्थान परिसर में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया जाएगा।
इसी क्रम में आज संस्थान द्वारा दीक्षांत समारोह की पूर्ण रिहर्सल (अभ्यास) का सफल आयोजन किया गया। इस रिहर्सल का मुख्य उद्देश्य समारोह से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाओं, कार्यक्रम क्रम, मंच संचालन, विशिष्ट अतिथियों के प्रोटोकॉल, शैक्षणिक जुलूस, डिग्री वितरण प्रक्रिया, सुरक्षा एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करना था, ताकि मुख्य समारोह का आयोजन पूर्ण रूप से सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।
रिहर्सल के दौरान संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों ने विभिन्न संवैधानिक एवं विशिष्ट अतिथियों की भूमिकाएँ निभाईं।
डॉ. रश्मि सिन्हा ने माननीय राष्ट्रपति महोदय की भूमिका,
डॉ. अशोक ने माननीय राज्यपाल महोदय की भूमिका,
डॉ. रत्नेश मिश्रा ने अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, तथा
डॉ. मूर्मू ने माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड की भूमिका निभाई।
इस अभ्यास के माध्यम से मंच संचालन, अतिथियों के आगमन-प्रस्थान, शैक्षणिक वेशभूषा, शपथ ग्रहण, पदक एवं उपाधि वितरण जैसे सभी प्रमुख बिंदुओं का वास्तविक परिस्थितियों में पूर्वाभ्यास किया गया।
संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सुतरधार ने स्वयं रिहर्सल का निरीक्षण किया और शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी समितियों एवं कार्य दलों से संवाद करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निदेशक महोदय ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, इसलिए इसका आयोजन पूर्ण गरिमा, सटीक समन्वय एवं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जाना अनिवार्य है।
यह रिहर्सल एनआईटी जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो संस्थान की उत्कृष्ट योजना, अनुशासित कार्य संस्कृति तथा अकादमिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।





