मशेदपुर (करनडीह) — आज (29 दिसंबर 2025) भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जमशेदपुर के करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान में आयोजित संताली परसी महा और ओलचिकी लिपि के 100-سال समारोह के समापन कार्यक्रम में भाग लिया।
📌 मुख्य हाइलाइट्स:
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत संताली भाषा में ‘नेहोर’ गीत गाकर की, जो वहाँ के आदिवासी संस्कृति में सम्मान और जोहार का प्रतीक है।
यह गीत उन्होंने खुद संताली में गाया, जिससे समारोह में उपस्थित लोगों में खासा उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।
कार्यक्रम में लगभग 800 प्रतिनिधि और लेखक भाग ले रहे हैं, जिसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार भी मौजूद थे।
📍 यह कार्यक्रम ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समारोह का हिस्सा था — जिसे संताली भाषा के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि माना जाता है और राष्ट्रपति ने इस अवसर पर लिपि के संरक्षण व संवर्द्धन में योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया।
🔒 सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच राष्ट्रपति का यह दौरा शांतिपूर्ण और उत्साह-भरा रहा, जिसमें स्थानीय पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक आयोजनों ने भी रंग भरा।





