माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में 1,114 विद्यार्थियों को उपाधियाँ

Raj Sharma
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जमशेदपुर | 29 दिसंबर 2025

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में आज 15वाँ दीक्षांत समारोह अत्यंत गरिमा, उत्साह और शैक्षणिक गौरव के साथ सम्पन्न हुआ।

समारोह की शोभा माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार, राज्य सरकार के मंत्रीगण, संस्थान के बोर्ड सदस्य, संकायगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर बल

अपने दीक्षांत संबोधन में राष्ट्रपति ने स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान राष्ट्र की बौद्धिक प्रयोगशालाएँ होते हैं। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एनआईटी जमशेदपुर के योगदान की सराहना की तथा संस्थान के प्रौद्योगिकी व्यवसाय ऊष्मायन (TBI) केंद्र को उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।

राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से तकनीकी प्रगति को मानव कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का आह्वान किया तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराध, ई-कचरा जैसी उभरती चुनौतियों पर भी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई।

ज्ञान तभी सार्थक है जब वह समाज के काम आए: राज्यपाल

झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने कहा कि भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ज्ञान का वास्तविक मूल्य समाज के कल्याण में उसके उपयोग से तय होता है और सभी स्नातकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की।

अवसरों का सृजन स्वयं करें: बोर्ड अध्यक्ष

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री सुनील अलघ ने विद्यार्थियों से अवसरों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं अवसर सृजित करने का संदेश दिया। उन्होंने संवाद, आत्मविश्वास और दीर्घकालिक दृष्टि के महत्व पर प्रकाश डाला।

संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर ने एनआईटी जमशेदपुर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि संस्थान ने एनआईआरएफ रैंकिंग में 82वाँ स्थान, केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (CRF) का सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति में उल्लेखनीय प्रगति की है।

पुरस्कार एवं सम्मान

माननीय राष्ट्रपति द्वारा चार प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए गए:

स्वर्ण पदक (उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन):

कृष्णाशीष मंडल — एम.एससी. (भौतिकी), सीजीपीए 9.64

प्रियांशु राज — बी.टेक. (विद्युत अभियांत्रिकी), सीजीपीए 9.52

मानद उपाधियाँ:

स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज — डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (मानद)

रवींद्र कुमार बेहरा — डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (मानद)

उपाधि वितरण विवरण

कुल 1,114 उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें दो मानद उपाधियाँ शामिल हैं।

612 विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से उपाधियाँ प्राप्त कीं:

स्नातक (UG): 417

स्नातकोत्तर (PG): 149

पीएच.डी.: 46

कार्यक्रम एवं लिंग-वार वितरण:

बी.टेक.: 583 पुरुष | 149 महिला

एम.टेक.: 84 पुरुष | 22 महिला

एम.एससी.: 64 पुरुष | 25 महिला

एमसीए: 98 पुरुष | 10 महिला

पीएच.डी.: 58 पुरुष | 19 महिला

15वाँ दीक्षांत समारोह नैतिक नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक रूप से उत्तरदायी तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने की एनआईटी जमशेदपुर की प्रतिबद्धता के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ

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