एक ओर प्रकृति की अद्भुत सुंदरता, तो दूसरी ओर गंदगी का अंबार जमशेदपुर के पास स्थित चांडिल डैम और पहाड़ भांगा की तस्वीरें बढ़ा रही हैं चिंता

जमशेदपुर के पास स्थित चांडिल डैम और पहाड़ भांगा की ताज़ा तस्वीरें चिंता बढ़ा रही हैं। प्राकृतिक सुंदरता के बीच पिकनिक मनाने आए लोगों द्वारा फैलाया गया कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

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पिकनिक मनाने आते हैं लोग, जिम्मेदारी छोड़ जाते हैं वहीं

झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल चांडिल डैम और पहाड़ भांगा अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। ये स्थान जमशेदपुर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं और हर मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पहाड़ों के बीच फैला जलाशय, हरियाली, खुला आसमान और शांत वातावरण यहाँ आने वालों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है। पहाड़ भांगा एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है, जहाँ पहाड़ों के बीच प्रकृति का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। ऊँचे-नीचे पहाड़, ठंडी हवा और प्राकृतिक सन्नाटा लोगों को सुकून का अनुभव कराता है। यही वजह है कि जमशेदपुर और आसपास के इलाकों से लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहाँ पिकनिक मनाने आते हैं।

लेकिन इस खूबसूरती के बीच एक गंभीर समस्या भी सामने आ रही है। यहाँ फैला कूड़ा-कचरा कहीं बाहर से नहीं आता, बल्कि जो भी लोग पिकनिक या घूमने आते हैं, वही अपने साथ लाए खाने-पीने के सामान का कचरा, प्लास्टिक बोतलें, चिप्स-बिस्कुट के पैकेट, डिस्पोज़ेबल प्लेट और गिलास यहीं फेंक कर चले जाते हैं। यही लापरवाही धीरे-धीरे इन प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता को नुकसान पहुँचा रही है। चांडिल डैम का वातावरण और पहाड़ भांगा का प्राकृतिक नज़ारा जहाँ मन को सुकून देता है, वहीं उसी जगह पर फैली गंदगी मन को आहत भी करती है। एक ही स्थान पर प्रकृति की सुंदरता और इंसानी लापरवाही का यह विरोधाभास साफ दिखाई देता है। यह न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है, बल्कि आने वाले पर्यटकों पर भी गलत प्रभाव डालता है।

इस स्थिति के लिए केवल प्रशासन को दोष देना उचित नहीं है। असल जिम्मेदारी हम सभी की है। जो लोग यहाँ घूमने आते हैं, उनका नैतिक दायित्व है कि वे अपने साथ लाए गए सामान का कचरा खुद संभालें, डस्टबिन में डालें या अपने साथ वापस ले जाएँ। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत हर व्यक्ति से होती है।

अगर समय रहते लोगों में जागरूकता नहीं आई, तो चांडिल डैम और पहाड़ भांगा जैसे सुंदर पर्यटन स्थल अपनी प्राकृतिक पहचान खो सकते हैं। जरूरत है कि हम जिम्मेदार पर्यटक बनें, दूसरों को भी सफाई के लिए प्रेरित करें और प्रकृति के इस अनमोल उपहार को साफ, सुरक्षित और सुंदर बनाए रखें।

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