जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम: झारखंड में एक चौकाने वाली घटना सामने आई जब ढेंगाम साप्ताहिक बाजार से चार महीने का बच्चा अपहरण कर लिया गया। लेकिन पुलिस की त्वरित और सतर्क कार्रवाई के कारण मामला 14 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया और बच्चा सुरक्षित रूप से अपने परिवार को सौंप दिया गया। यह घटना स्थानीय लोगों में भय और चिंता का कारण बनी थी, लेकिन पुलिस की सफलता ने कानून व्यवस्था में विश्वास को पुनः मजबूत किया।
घटना का क्रम
रविवार को ढेंगाम बाजार में प्रतिमा सरदार अपने चार महीने के बेटे इंद्रदेव के साथ अपने अन्य बच्चों के लिए सब्जी और दैनिक सामान खरीदने गई थीं। बाजार की भीड़भाड़ का फायदा उठाते हुए, उसी भीड़ में से झूमा रानी मंडल (40 वर्ष) ने बच्चे को बहकाने का मौका लिया। आरोपी महिला ने बच्चे के पास जाकर बहाना बनाया कि वह ₹20 देकर कुछ खरीद रही है। इसके तुरंत बाद उसने बच्चे को अपने साथ ले लिया और भाग गई।
प्रतिमा ने जैसे ही बच्चे के लापता होने की सूचना पाई, उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने तुरंत DSP मुसाबनी संदीप भगत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। टीम ने:
- सीसीटीवी फुटेज की जांच,
- पास के क्षेत्रों में पूछताछ,
- और तकनीकी सहायता का इस्तेमाल किया।
इन सभी प्रयासों के बाद टीम ने झूमा रानी मंडल को गिरफ्तार किया और बच्चे को सुरक्षित परिवार के पास लौटाया।
आरोपी का बयान और आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने माना कि उसकी बेटी बच्चे को गोद नहीं ले सकती, इसलिए उसने बच्चे को अपने पास रखने का प्रयास किया। आरोपी के खिलाफ किडनैपिंग की धारा 363 के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसके संभावित सहयोगियों की तलाश अभी भी जारी है।
स्थानीय और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस घटना की तेजी से सुलझाई जाने पर स्थानीय लोग पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि कानून व्यवस्था में कोई भी अपराध आसानी से नहीं बच सकता।
प्रतिमा सरदार और उनके परिवार ने पुलिस को धन्यवाद दिया और कहा कि बच्चा सुरक्षित लौटने से उनका जीवन संकटमुक्त हुआ।
विशेष नोट
- बच्चा: चार महीने का इंद्रदेव सरदार
- घटना स्थल: ढेंगाम साप्ताहिक बाजार, जमशेदपुर
- आरोपी: झूमा रानी मंडल, उम्र 40 वर्ष
- समय में समाधान: 14 घंटे के भीतर बच्चा सुरक्षित
- कानूनी कार्रवाई: किडनैपिंग के तहत मामला दर्ज, सहयोगियों की तलाश जारी
यह घटना यह स्पष्ट करती है कि सतर्क नागरिक और सक्रिय पुलिस कार्रवाई के माध्यम से गंभीर अपराधों को भी जल्दी सुलझाया जा सकता है और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।





