जमशेदपुर / पूर्वी सिंहभूम (विशेष संवाददाता) – गालूडीह थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई सनसनीखेज सीएससी (Common Service Centre) संचालक की हत्या के मामले में पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या के पीछे पुराना विवाद और निजी रंजिश सामने आ रही है, और शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
क्या था मामला? घटना कैसे हुई?
यह दर्दनाक वारदात 12 जनवरी की रात गालूडीह थाना क्षेत्र के खरिया कॉलोनी, बस स्टैंड चौक स्थित CSC केंद्र के पास हुई। 41 साल के तारापदो महतो, जो स्थानीय CSC संचालक के रूप में डिजिटल सेवाएं प्रदान करते थे, मामूली कामों में व्यस्त थे। इसी दौरान दो बाइक सवार हथियारबंद अपराधियों ने अचानक उनके ऊपर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद तारापदो महतो मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से दो खाली कारतूस बरामद किए हैं, जो फायरिंग की पुष्टि करते हैं।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रिशभा गर्ग ने बताया कि प्रारंभिक मामलों की जांच में हत्या को जमीन विवाद और पुराने व्यक्तिगत ग़लतफ़हमियों से जोड़ा जा रहा है। शुरुआती पूछताछ और संदिग्धों की पहचान के बाद पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी की दिशा में कदम बढ़ाए।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान और पूछताछ
पुलिस ने इस हत्या में संलिप्तता के संदेह में दो आरोपियों — विकास दुबे (उर्फ राहुल दुबे) और अभिषेक कुमार (उर्फ गोलू/हैप्पी) को गिरफ्तार किया है। विकास दुबे बिरसानगर थाना क्षेत्र के जोन नं.1 का निवासी बताया जा रहा है, जबकि अभिषेक कुमार टेल्को थाना क्षेत्र के खड़ंगाझाड़ इलाके से है। दोनों आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है और कहा कि तारापदो महतो से उनका पुराना विवाद था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से
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एक खून लगा हुआ छूरा,
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एक मोटरसाइकिल,
के अलावा अन्य सबूत भी बरामद किए हैं, जो कि हत्या की घटना और आरोपियों के बीच संबंध को पुष्ट करते हैं।
पुलिस क्या कह रही है?
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि मामले में पूछताछ जारी है और आरोपियों के बयान के आधार पर अन्य संभावित संदिग्धों को भी तलब किया जा रहा है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हत्या की प्राथमिक वजह जमीन विवाद और पुरानी रंजिश हो सकती है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि कोई भी तथ्य छूट न जाए।
पुलिस ने कहा कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर आगामी कानूनी कार्रवाई उसी अनुरूप की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में समुदाय की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया और चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष एवं चिंता दोनों हैं। CSC संचालक सरकारी योजनाओं से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाएं प्रदान करते थे, जिससे ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिलता था। उनकी हत्या ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि ऐसे डिजिटल केंद्रों की सुरक्षा की भी चिंता बढ़ा दी है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“यह घटना इलाके के लिए बहुत ही दुखद और चिंताजनक है। ऐसे लोगों को सुरक्षा मिलनी चाहिए जो गांवों में सेवाएं प्रदान करते हैं।”
अगली न्यायिक कार्रवाई और स्थिति
पुलिस ने हत्या मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी रहने के साथ ही पुलिस ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए परिवार, स्थानीयों एवं गवाहों से सहयोग की अपील की है ताकि मामले को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में ला सकें।





