जमशेदपुर
झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा रविवार को अचानक जमशेदपुर पहुँचीं। उनके आगमन से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। डीजीपी ने जमशेदपुर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें शहर की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ बहुचर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड की विस्तृत समीक्षा की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बैठक के दौरान एसएसपी, सिटी एसपी एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अब तक की जांच प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अपहरण मामले की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीजीपी ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा करने का आदेश दिया।
कैरव गांधी अपहरण मामला बना मुख्य मुद्दा
बैठक का मुख्य फोकस बिष्टुपुर के व्यवसायी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण पर रहा। उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी को कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद से परिवार और शहर में दहशत का माहौल है। अपहरणकर्ताओं द्वारा फिरौती की मांग किए जाने की भी सूचना सामने आई है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से फिरौती की रकम की पुष्टि नहीं की है।
जांच में जुटी कई टीमें
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआईडी और अन्य विशेष टीमें लगाई गई हैं। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है और कुछ को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। डीजीपी ने निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर पड़ोसी राज्यों में भी छापेमारी तेज की जाए।
कानून-व्यवस्था पर भी हुई चर्चा
डीजीपी ने बैठक में जमशेदपुर शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस गश्ती व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने, रात्रि पेट्रोलिंग को सख्त करने और आम जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए।
राजनीतिक दबाव भी बढ़ा
कैरव गांधी अपहरण कांड को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और पुलिस को जल्द से जल्द अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद करना चाहिए।
डीजीपी का स्पष्ट संदेश
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि अपहृत युवक की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी।





