जमशेदपुर:
जमशेदपुर, 30 जनवरी 2026। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बारीडीह विजय गार्डन में एक विवाहित महिला ने कथित मानसिक उत्पीड़न और घरेलू तनाव से तंग आकर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान प्रियांका कुमारी के रूप में हुई है। यह घटना इलाके में चिंता और सदमे का कारण बन गई है और स्थानीय लोगों में गहरी सहानुभूति और चिंता फैल गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रियांका ताटा स्टील के एक कर्मचारी की पत्नी थीं और उनके दो छोटे बच्चे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद सिधगोरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आसपास के सबूत भी एकत्र किए और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी।
परिवार और साले पर आरोप
परिवार के सदस्यों का कहना है कि प्रियांका अपने साले अयान, जो हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से लौटे थे, द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न की शिकार थीं। परिवार का दावा है कि अयान ने प्रियांका को मानसिक रूप से परेशान किया और इस तनाव के कारण वह इस दुखद कदम को मजबूर हुईं। परिजनों का कहना है कि प्रियांका ने कई बार परिवार और दोस्तों से इस परेशानी की शिकायत की थी, लेकिन किसी तरह का समाधान नहीं निकला।
पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। यदि जांच में उत्पीड़न के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में शोक और सुरक्षा चेतावनी
इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और चिंता की लहर फैला दी है। पड़ोसी और स्थानीय लोग परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त कर रहे हैं और पुलिस से आग्रह कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए। वहीं, पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू उत्पीड़न के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाने की योजना बनाई है।
विशेषज्ञों की राय
मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि घरेलू और मानसिक उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों में समय पर मदद और परामर्श मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि परिवार और समुदाय को ऐसे लोगों का समर्थन करना चाहिए जो मानसिक तनाव में हैं और उन्हें सलाह और सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।
इस दुखद घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू उत्पीड़न के मुद्दों पर सामाजिक और कानूनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। पुलिस और प्रशासन ने वादा किया है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी पहलू पूरी तरह जांचे जाएंगे।





