एक्सआईटीई कॉलेज, गम्हरिया को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मिला स्वायत्तता का दर्जा

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K. Durga Rao

गम्हरिया : गम्हरिया स्थित एक्सआईटीई कॉलेज को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा ‘स्वायत्तता’ का दर्जा प्रदान किया गया है। इससे संस्थान के शिक्षकों व बच्चों में हर्ष व्याप्त है।

कॉलेज के प्राचार्य फादर डॉ. ई.ए फ्रांसिस ने बताया कि इस संबंध में आयोग द्वारा बीते 24 अप्रैल’ 2024 के पत्र के माध्यम से संस्थान को अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कॉलेज के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसमें सभी हितधारक गर्व के क्षण में शामिल हैं। यूजीसी द्वारा प्रदत्त स्वायत्त दर्जा कॉलेज में शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया को कई तरीकों से समृद्ध करेगी। उन्होंने बताया कि स्वायत्तता का दर्जा प्राप्त होने से संस्थान और यहां अध्ययनरत बच्चों को काफी लाभ मिलेगा। जानकारी दी कि अब एक्सआईटीई कॉलेज को सत्रों को समय पर पूरा करने को सुनिश्चित करते हुए अपनी स्वयं की परीक्षा आयोजित करने की स्वतंत्रता होगी।

इसके अलावा कॉलेज व्यापक विषय समझ को बढ़ावा देने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप एक मजबूत पाठ्यक्रम तैयार करने की स्वतंत्रता का प्रयोग कर सकेगा और कॉलेज को छात्रों की समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वतंत्रता होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा स्वायत्तता का अनुदान वास्तव में शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति संस्थान के समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की खोज की एक महत्वपूर्ण मान्यता है। कहा कि कई उल्लेखनीय उपलब्धियां इसके महत्व में योगदान करती हैं। प्राचार्य ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में योग्य और पात्र 100 आदिवासी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में होने के बावजूद हर वर्ष यहां के अंतिम वर्ष के छात्रों को रांची, लखनऊ, रूड़की आदि जैसे छोटे आईआईएम में प्रवेश मिलता रहा है। कहा कि इसके अलावा संस्थान को केंद्र सरकार से डीएसटी प्रोजेक्ट प्राप्त हुआ। साथ ही, सत्र 2022-23 में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन 2021-22 के लिए आईसीएसएसआर से प्रायोजन प्राप्त हुआ और राष्ट्रीय सम्मेलन 2022-23 के लिए एनसीडब्ल्यू से प्रायोजन प्राप्त हुआ है।

इस दौरान संस्थान के उप प्राचार्य फादर मुक्ति क्लेरेंस, प्रो. निशिथ प्रसाद सिंह, प्रो. सुष्मिता चौधरी, प्रो. संचिता घोष चौधरी, एनएसएस अधिकारी नवल चौधरी मौजूद रहे।

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