12 वर्षीय छात्रा की सूझबूझ, कुत्तों से बचाया नन्हा उल्लू, वन विभाग को सौंपा

3 Min Read

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले की टेल्को कॉलोनी में रविवार की सुबह उस समय यादगार बन गई, जब कक्षा सात की एक छात्रा ने साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक नन्हे उल्लू की जान बचा ली।
विद्या भारती चिन्मिया विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा शन्वी किरण महतो (12 वर्ष) रविवार सुबह अपने घर के पास भुवनेश्वरी मंदिर के समीप खेल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर कुछ कुत्तों की असामान्य हरकतों पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उसने पाया कि कुत्ते एक नन्हे उल्लू को घेरकर उस पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं।

स्थिति को समझते हुए शन्वी ने बिना डरे कुत्तों को वहां से भगाया और सहमे हुए उल्लू को सुरक्षित अपने हाथों में उठा लिया। उसने देखा कि उल्लू उड़ने में असमर्थ है और काफी डरा हुआ है। मानवीय संवेदना दिखाते हुए वह उल्लू को अपने घर ले गई, जहां उसे मांस खिलाया और ड्रॉपर की सहायता से पानी पिलाया।

मामले की गंभीरता को समझते हुए शन्वी ने तुरंत पूर्वी सिंहभूम के जिला वन पदाधिकारी सबा आलम को फोन कर पूरी जानकारी दी। सूचना मिलने के करीब एक घंटे के भीतर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उल्लू की स्थिति का निरीक्षण किया।

वन अधिकारियों ने बताया कि उल्लू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-एक में शामिल संरक्षित पक्षी है। इसके बाद शन्वी ने नन्हे रात्रिचर पक्षी को विधिवत वन विभाग को सौंप दिया।

वन विभाग के अधिकारी उत्तम महतो ने उल्लू को अपने संरक्षण में लेते हुए बताया कि उसे बेहतर इलाज के लिए टाटा चिड़ियाघर ले जाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उल्लू को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।

उत्तम महतो ने शन्वी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में एक संरक्षित पक्षी की जान बचाकर उसने समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

एक साधारण रविवार की सुबह, शन्वी की बहादुरी और करुणा ने वन्यजीव संरक्षण की एक प्रेरक कहानी रच दी।

Share This Article