जमशेदपुर। शहर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार इस सनसनीखेज अपहरण कांड की साजिश पंजाब के लुधियाना निवासी एक कुख्यात गैंगस्टर ने रची थी। पूरे घटनाक्रम में कुल 12 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें से अब तक 5 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक 13 जनवरी को व्यवसायी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी का अपहरण किया गया था। अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कैरव गांधी को गाड़ी में बैठाया और फिर फरार हो गए। अपहरण के बाद पीड़ित परिवार से विदेशी नंबर, विशेष रूप से इंडोनेशिया से कॉल कर ₹5 करोड़ की फिरौती की मांग की गई थी।
लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने 26 जनवरी की रात कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि अपहरण से पहले अपराधियों ने जमशेदपुर में रेकी की थी और पूरी योजना के तहत घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले का मास्टरमाइंड लुधियाना का गैंगस्टर है, जिसने अपने नेटवर्क के जरिए अलग-अलग राज्यों के अपराधियों को इस साजिश में शामिल किया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य फरार अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और साजिश से जुड़े हर आरोपी को कानून के शिकंजे में लाने में जुटी हुई है।






