जमशेदपुर, :
छोटा गोविंदपुर स्थित श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में आज मकर संक्रांति का उत्सव बड़े उत्साह, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के चेयरमैन सुखदेव महतो, श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. एन. सिंह, प्राचार्या डॉ. मौसमी महतो और समस्त शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था बी.एड. और डी.एल.एड. के प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और नाटक। बच्चों ने मकर संक्रांति और इसके महत्व को दर्शाने वाले गीत, नृत्य और रंगमंचीय कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों में भारत के विभिन्न राज्यों में इस पर्व को मनाने की परंपराएँ भी प्रदर्शित की गईं।
प्राचार्या डॉ. मौसमी महतो ने अपने संबोधन में कहा कि मकर संक्रांति का पर्व हमें नई ऊर्जा और उत्साह से भरता है। यह पर्व केवल सूर्य की उत्तरायण यात्रा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से जुड़ने का भी अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को इस पर्व की शुभकामनाएं दी और सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की।
महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका संगीता महतो ने झारखंड में मनाए जाने वाले टुसू पर्व के महत्त्व और इसकी सांस्कृतिक पहचान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे यह पर्व आदिवासी समुदाय की परंपराओं, सामाजिक एकता और संस्कृति का प्रतीक है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पारंपरिक व्यंजन जैसे दही-चूड़ा, तिलकुट, लाई और पीठा का स्वाद लिया। इसके अलावा पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच उल्लास और आनंद को दोगुना कर दिया। महाविद्यालय का प्रांगण रंग-बिरंगे पतंगों, हर्षोल्लास और फसल कटाई के उत्साह से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का संचालन तूफान मंडल और बरखा कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक विनय शांडिल्य ने प्रस्तुत किया। समारोह में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु, सहायक प्राध्यापक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे। उन्होंने मिलकर इस सांस्कृतिक और पारंपरिक पर्व को यादगार बनाया।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जानने और सीखने का अवसर दिया, बल्कि उनके भीतर रचनात्मकता, आत्मविश्वास और उत्सव की भावना को भी जागृत किया।





