- 2025 में रिकॉर्ड निवेश, जनवरी 2026 में टाटा फ्लेक्सी कैप फंड की बिक्री में 385% उछाल
जमशेदपुर: वैश्विक आर्थिक हालातों में बदलाव और शेयर बाज़ार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच फ्लेक्सी कैप फंड्स खुदरा निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। निवेशक अब ऐसी योजनाओं की ओर रुख कर रहे हैं, जो जोखिम को संतुलित रखते हुए बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हों। यही कारण है कि वर्ष 2025 में फ्लेक्सी कैप फंड्स में निवेश का रिकॉर्ड स्तर देखने को मिला।
एएमएफआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2025 में फ्लेक्सी कैप फंड्स में कुल 80,978 करोड़ का निवेश हुआ, जो स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स की तुलना में कहीं अधिक है। दिसंबर 2025 में निवेश की रफ्तार सबसे तेज रही, जब एक ही महीने में 10,019.27 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया, जो पिछले महीने से 23 प्रतिशत अधिक रहा।
इसी रुझान का असर टाटा फ्लेक्सी कैप फंड पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 31 दिसंबर 2025 तक इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट करीब 3,700 करोड़ पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 27.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जमशेदपुर जैसे शहरों में भी निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। जनवरी 2026 में यहां इस फंड की कुल बिक्री 2,12,94,689 रही, जो जनवरी 2025 के मुकाबले 385 प्रतिशत अधिक है।
टाटा एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ (इक्विटी) राहुल सिंह के अनुसार बाज़ार कभी स्थिर नहीं रहता और फ्लेक्सी कैप रणनीति फंड मैनेजर को बदलते हालात के अनुसार निवेश की पूरी स्वतंत्रता देती है। तेजी के समय स्मॉल और मिड-कैप शेयरों में निवेश कर रिटर्न बढ़ाने की कोशिश की जाती है, जबकि अस्थिरता के दौर में बड़ी और मजबूत कंपनियों में निवेश कर जोखिम कम किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लचीलापन और बेहतर जोखिम प्रबंधन के कारण फ्लेक्सी कैप फंड्स आने वाले समय में भी रिटेल निवेशकों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बने रहेंगे।






