जमशेदपुर
टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष को लेकर उम्मीद जताई है कि इसका टाटा समूह की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि समूह ने पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर रखी हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन टाटा समूह ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील पश्चिम एशिया से चूना पत्थर सहित कुछ कच्चे माल की आपूर्ति करता है, जिसके लिए कंपनी के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक स्रोतों से भी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि टाटा समूह की पहली प्राथमिकता पश्चिम एशिया में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा है। समूह लगातार अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के संपर्क में है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।
टाटा समूह के चेयरमैन ने यह भी स्वीकार किया कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो अल्पकालिक रूप से व्यापार पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन समूह की मजबूत रणनीति के कारण हालात सामान्य होने पर कारोबार फिर से गति पकड़ लेगा।
उल्लेखनीय है कि चंद्रशेखरन जमशेदपुर में टाटा स्टील के संस्थापक जमशेदजी नुसरवानजी टाटा की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह बातें कहीं।





