जमशेदपुर: बागुनहातु स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरना में देर रात असामाजिक तत्वों द्वारा घुसकर आगजनी किए जाने की घटना से स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। इस घटना में कक्षा 1 और 2 के बच्चों की किताब-कॉपी, चार्ट सहित कई शिक्षण सामग्री जलकर नष्ट हो गई, जबकि कक्षाओं में रखे कुछ बेंच भी आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए।
जानकारी के अनुसार, असामाजिक तत्व स्कूल भवन की टूटी खिड़की के रास्ते अंदर घुसे और कक्षाओं में रखे सामानों में आग लगा दी। आगजनी की इस घटना से विद्यालय को काफी नुकसान हुआ है। स्कूल के सामने दुकान चलाने वाले कंचन दत्ता ने रात करीब एक बजे स्कूल परिसर में संदिग्ध गतिविधि देखी और तत्काल प्रभारी प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर को फोन कर सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन उस समय संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद सुबह करीब छह बजे दोबारा फोन किए जाने पर प्रभारी प्रधानाचार्य को जानकारी मिली कि थाना से स्कूल की चाबी मंगाकर आग बुझाने की कार्रवाई की गई थी।
जब प्रभारी प्रधानाचार्य विद्यालय पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कक्षाओं में रखी किताब-कॉपी, चार्ट और अन्य शैक्षणिक सामग्री पूरी तरह जल चुकी है तथा कई बेंच भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल से जुड़े लोग और स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
विद्यालय से जुड़े लोगों ने बताया कि स्कूल परिसर की चहारदीवारी काफी नीची है, जिसके कारण बाहर से अंदर प्रवेश करना आसान हो जाता है। इसके अलावा रात के समय कुछ लोग स्कूल के आसपास शराब पीते हैं, बोतलें फेंकते हैं और गंदगी फैलाते हैं। कई बार शौचालय और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय में पहले भी चोरी और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं।
उधर, विद्यालय में इन दिनों कक्षा 8 की प्री-बोर्ड परीक्षा चल रही है। ऐसे में इस आगजनी की घटना से पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विद्यालय प्रबंधन ने प्रशासन से स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, टूटी खिड़कियों की मरम्मत कराने, चहारदीवारी को ऊंचा करने और रात में नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।





