नई दिल्ली
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ देशभर में छात्र संगठनों का गुस्सा सड़कों पर साफ नजर आ रहा है। इन्हीं नियमों के विरोध में आज विभिन्न छात्र संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। देश के कई राज्यों में कॉलेज-विश्वविद्यालयों से लेकर सड़कों तक विरोध प्रदर्शन, धरना और रैलियों का दौर जारी है।
छात्र संगठनों का आरोप है कि UGC द्वारा लाए गए नए नियम छात्र-विरोधी, शिक्षा-विरोधी और संविधान की समानता की भावना के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि इन नियमों को बिना छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक विशेषज्ञों से सलाह किए जबरन लागू किया जा रहा है।
क्या है UGC के नए नियमों पर विवाद
छात्र संगठनों के अनुसार, नए UGC नियमों से
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर खतरा
छात्रों के अधिकार सीमित
शिक्षा का निजीकरण बढ़ने की आशंका
सामाजिक न्याय और बराबरी के सिद्धांत कमजोर हो सकते हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि शिक्षा को सुधारने के नाम पर छात्रों के भविष्य से प्रयोग किया जा रहा है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छात्र संगठनों में भारी उबाल
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में छात्र संगठनों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।
कई जगहों पर छात्रों ने
विश्वविद्यालय परिसरों में ताले लगाकर विरोध
प्रशासनिक भवनों के सामने धरना
सरकार और UGC के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य की लड़ाई है।
भारत बंद को मिला व्यापक समर्थन
भारत बंद को कई छात्र संगठन, शिक्षक संघ, सामाजिक संगठन और बुद्धिजीवियों का समर्थन मिल रहा है। बंद के दौरान
शिक्षण संस्थानों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन
प्रमुख मार्गों पर प्रतीकात्मक चक्का जाम
ज्ञापन सौंपने और जनसभाएं
आयोजित की गईं।
हालांकि आयोजकों ने साफ किया है कि एम्बुलेंस, अस्पताल और जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
सरकार पर बढ़ता दबाव
लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों से सरकार और UGC पर दबाव बढ़ता जा रहा है। छात्र संगठनों की प्रमुख मांगें हैं —
1. UGC के नए नियम तुरंत रद्द किए जाएं
2. छात्रों और शिक्षकों से खुली बातचीत हो
3. शिक्षा नीति को छात्र-हित में दोबारा तैयार किया जाए
4. शिक्षा को व्यवसाय नहीं, अधिकार माना जाए
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आंदोलन अभी खत्म नहीं
छात्र संगठनों ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत बंद केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में
बड़े स्तर पर प्रदर्श
दिल्ली कूच
देशव्यापी छात्र आंदोलन
की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है।
निष्कर्ष
UGC के नए नियमों को लेकर उठा यह विरोध अब राष्ट्रीय स्तर का छात्र आंदोलन बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार क्या रुख अपनाती है, इस पर देशभर के छात्रों की नजर टिकी हुई है।





