सरायकेला-खरसावां (झारखंड) — जिले के कपाली–तमोलिया क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी नौकरी रैकेट के संचालन का भंडाफोड़ करते हुए निर्भय सिंह उर्फ ‘पुलपुल’ और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया है।
यह टीम ऐसे गिरोह के ख़िलाफ़ चल रही सक्रिय जांच का हिस्सा है, जो लंबे समय से बेरोज़गार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने युवाओं को आकर्षक नौकरी ऑफ़र दिखाकर धोखे में फ़ँसाया और उनसे भारी शुल्क वसूला था
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार फर्जी रैकेट कपाली ओपी क्षेत्र के तमोलिया इलाके में सक्रिय था। आरोपियों ने बेरोज़गार युवाओं को आकर्षक नौकरियों का लालच देकर पहले उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, उसके बाद उनसे अग्रिम फ़ीस वसूली। इस फ़ीस की रकम काफी बड़ी बताई जा रही है।
लोगों को झांसा देकर काम के वादे पर भाड़े पर रखकर विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया जाता था, लेकिन बाद में उन्हें ठगा गया। जब पीड़ितों ने पैसा वापस मांगना शुरू किया, तो उन्हें धमकियाँ दी गईं और दबाव में रखा गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया और पुलिस की कार्रवाई
कुछ पीड़ितों ने स्थानीय ग्रामीणों से मदद मांगी, जिससे मामला प्रकाश में आया। ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की और कई आरोपियों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई में निर्भय सिंह ‘पुलपुल’ प्रमुख नामों में शामिल रहा।
अन्य आरोपियों पर भी अलग-अलग राज्यों से लोगों को फँसाने और भर्ती फ़ीस वसूलने के आरोप हैं; यह गिरोह न केवल झारखंड में, बल्कि अन्य जगहों पर भी सक्रिय था।
न्यायिक हिरासत और आगे की जांच
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब आरोपियों के विरुद्ध व्यापक जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य सदस्य और पीड़ितों की संख्या का पता लगा रही है।
अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्रवाई बेरोज़गारी के नाम पर लोगों को निराशा में फ़ँसाने वाले गिरोहों को समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम है। आगे भी ठगी और नौकरी के नाम पर धोखे के मामलों की रोकथाम तथा संदिग्ध गिरोहों की पहचान के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं।





