गोंड राजाल – गोंड रानी फैशन शो 2026: पवन कुडमाटे गोंड राजातथा राखी उईके बनीं गोंड रानी
गोंडिया में आयोजित भव्य “गोंड राजाल – गोंड रानी फैशन शो 2026 (सेशन-2)” आदिवासी संस्कृति, कला और परंपरा को समर्पित ऐतिहासिक आयोजन के रूप में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और राष्ट्रीय स्तर पर गोंड राजा-रानी का चयन कर आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान को नया मंच दिया गया।
इस आयोजन की मुख्य आयोजक प्रिया चंदन टेकाम रहीं, जिन्हें ‘रॉयल लेडी’ के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति समाज को आधुनिक भारत से जोड़ना और शिक्षा, संस्कृति व अधिकारों के लिए काम करना उनका लक्ष्य है। उनका मानना है कि पूरा समाज उनका परिवार है और वे उसके विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।
कार्यक्रम में गोंडिया के गोंड राजा के रूप में पवन कुडमाटे तथा गोंड रानी के रूप में राखी उईके का चयन किया गया। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी पूरे भारत से गोंड राजा और गोंड रानी का चयन कर आदिवासी समाज की एकता और गौरव को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विधायक संजय भाऊपुरम उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में विधायक राजकुमार बडोले, चेयरमैन चेतन भाऊ वारगये, सरपंच विलास वट्टी और समाजसेवी बसंत लांजेवार शामिल रहे।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
आयोजन में पारंपरिक गोंड वेशभूषा, आभूषण और आधुनिक फ्यूजन ड्रेस का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक नृत्य और लोक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि ‘गोंड राजा-गोंड रानी थीम राउंड’ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पूनम टेकाम, सपना चांदेकर, समीर दुर्वे और अंशुल पांद्रे सहित कई समाजसेवियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
समाज के गणमान्य नागरिकों और आदिवासी प्रतिनिधियों का मत है कि सरकार को आदिवासी समाज की समस्याओं के समाधान और नीति-निर्माण में भागीदारी के लिए प्रिया चंदन टेकाम को किसी आयोग या महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी देनी चाहिए, ताकि समाज की आवाज़ प्रभावी रूप से सरकार तक पहुंच सके।
यह आयोजन आदिवासी संस्कृति, एकता और पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने परंपरा और आधुनिकता के समन्वय को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।






