जदयू ने कहा, नौकरी के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रहे हैं तेजस्वी, पूछा, राजद ने 15 साल में कितनी नौकरियां दीं?

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Amit Raj

पटना : बिहार जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव पर नौकरी के मुद्दे पर सूबे की जनता में झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी देने में उनकी कहीं कोई भूमिका नहीं थी। राजद के तत्कालीन शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारियों के प्रति कितने सजग और संवेदनशील थे यह बात भी जगजाहिर है।

श्री कुशवाहा ने बताया कि लालू-राबड़ी के 15 साल में सिर्फ 33 हजार 499 शिक्षकों की बहाली हुई थी, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विगत 18 वर्षों के शासन में 5 लाख 61 हजार शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर चल रही है। अपने शासनकाल की चर्चा करने का साहस राजद के पास नहीं है, लेकिन जनता सबका हिसाब लेती है और सब कुछ याद रखती है।

उन्होंने कहा कि बेहतर होता अगर तेजस्वी प्रसाद यादव अपने माता-पिता के कार्यकाल में हुई बहाली का लेखा-जोखा भी बिहार की जनता के समक्ष रखने की हिम्मत जुटा पाते, परंतु झूठ और दुष्प्रचार के सहारे ही राजद अब तक अपनी राजनीतिक गाड़ी को खींच रही है। इसके अलावे राजद के पास दूसरा कोई राजनीतिक हथियार नहीं है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि बिहार की जनता उनके भ्रम और दुष्प्रचार का शिकार बनेगी। आज पूरा प्रदेश ‘रोजगार मतलब नीतीश कुमार ’ के नारे लगा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की होशियारी के आगे विपक्ष का नापाक मंसूबा कभी सफल नहीं होगा।

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