रांची: झारखंड की राजधानी रांची के विधानसभा सभागार में आज ‘झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज’ की प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में समाज के उत्थान, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।
“जन्मजात इंजीनियर है विश्वकर्मा समाज”
बैठक को संबोधित करते हुए समाज के कार्यकारी अध्यक्ष अग्नि शर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज जन्मजात इंजीनियर है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस समाज को हमेशा दबाकर रखा है, लेकिन अब समाज जागरूक हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हम अपने हक और अधिकार के लिए किसी भी स्तर तक लड़ने को तैयार हैं।
आगामी रणनीतियां और बड़े निर्णय:
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:ranchi
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राज्यव्यापी प्रदर्शन: हक न मिलने की स्थिति में समाज ने राजभवन के घेराव और पूरे राज्य में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पाँच दिवसीय शिल्पकार प्रदर्शनी: समाज के शिल्पकारों और कारीगरों की प्रतिभा को मंच देने के लिए जल्द ही एक भव्य पाँच दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विश्वकर्मा समाज के पाँचों पुत्रों (वंशजों) की कला का प्रदर्शन होगा।
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दहेज मुक्त समाज का संकल्प: सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए समाज ने सामूहिक रूप से ‘दहेज रहित’ शादियां करने का संकल्प लिया है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण विवाह में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।
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नियमित समीक्षा: समाज की मजबूती के लिए हर तीन महीने में विधानसभा सभागार में इसी तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
“हम अब पीछे नहीं, बल्कि सबसे आगे रहना चाहते हैं। अगर हमें पीछे धकेला गया, तो हम ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं। हम अपनी पहचान और वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं।” — अग्नि शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष
विश्वकर्मा समाज की इस सक्रियता ने राज्य की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि सरकार और राजनीतिक दल इस बड़े वोट बैंक की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।





