जमशेदपुर।
नव वर्ष के पावन अवसर पर समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सेवानिवृत्त पुलिस पदाधिकारियों ने आशीर्वाद भवन वृद्धा आश्रम पहुंचकर वहां निवास कर रहे वृद्ध माताओं एवं पिताओं के साथ नव वर्ष मनाया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल बुजुर्गों के साथ समय बिताया, बल्कि उनके साथ बैठकर सामूहिक रूप से भोजन भी किया। पूरे आश्रम परिसर में स्नेह, सम्मान और आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम में शामिल सेवा निवृत्त पुलिस उपाधीक्षक कमल किशोर ने कहा कि नव वर्ष आते ही अधिकांश लोग अपने परिवार, मित्रों और मनोरंजन तक ही सीमित रह जाते हैं, जबकि समाज के ऐसे बुजुर्ग, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन परिवार और समाज के लिए समर्पित किया, वे अक्सर उपेक्षा का शिकार हो जाते हैं।
उन्होंने कहा,
“नव वर्ष पर ऐसे लोगों को आमतौर पर भुला दिया जाता है। हम यहां उनके साथ दो पल की खुशियां बांटने और उनके आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानकर बटोरने आए हैं।”
इस अवसर पर सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने वृद्धजनों से आत्मीय बातचीत की, उनका हाल-चाल जाना और उनके जीवन अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुना। भोजन के दौरान अधिकारियों ने स्वयं सेवा करते हुए भोजन परोसा, जिससे वृद्ध माताओं और पिताओं के चेहरों पर विशेष संतोष और खुशी झलकती नजर आई। कई बुजुर्गों ने भावुक होते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें यह महसूस होता है कि वे समाज में अकेले नहीं हैं।
आशीर्वाद भवन वृद्धा आश्रम के संचालकों ने इस मानवीय पहल के लिए सेवानिवृत्त पुलिस पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के जिम्मेदार और अनुभवी वर्ग द्वारा किया गया ऐसा प्रयास न केवल बुजुर्गों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि अन्य लोगों को भी सेवा और संवेदना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने वृद्धजनों के सुख-स्वास्थ्य, सम्मानजनक जीवन और दीर्घायु की कामना की तथा भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य लगातार जारी रखने का संकल्प लिया। नव वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक संवेदना और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हुआ।
उक्त अवसर पर
के. एन. मिश्रा, बी. डी. सिंह, कन्हैया उपाध्याय, पी. के. सिंह, अरविंद कुमार, सत्येंद्र नारायण सिंह, संजीव कुमार और मदन मोहन सिंह उपस्थित रहे।





