जमशेदपुर, संवाददाता।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को क्षत्रिय करणी सेना परिवार, जमशेदपुर द्वारा इसे “शौर्य दिवस” के रूप में श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के मेरिन ड्राइव स्थित महाराणा प्रताप चौक पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर फूल-मालाओं से माल्यार्पण कर की गई। करणी सेना के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने वीर योद्धा को नमन करते हुए उनके त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम को याद किया।
वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक थे महाराणा प्रताप
इस मौके पर करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह राठौर ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, आत्मसम्मान और स्वतंत्रता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने जीवनभर अत्याचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया और कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रभक्ति, चरित्र और साहस को अपने जीवन में अपनाएं।
आदर्शों पर चलने का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित रहने तथा उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में महाराणा प्रताप के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर करणी सेना के कई पदाधिकारी, स्थानीय कार्यकर्ता और समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से क्षेत्र गूंजता रहा।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।





