विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्तूबर 2025) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में खुली और संवेदनशील बातचीत को मुख्यधारा का हिस्सा बनाया जाए।
प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखते हुए कहा, “तेज़ रफ़्तार वाली इस दुनिया में यह दिन हमें आत्मचिंतन और दूसरों के प्रति करुणा बढ़ाने की याद दिलाता है। मानसिक स्वास्थ्य हमारे समग्र स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
उन्होंने आगे कहा कि हमें सामूहिक रूप से ऐसे वातावरण का निर्माण करना होगा, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सहजता और खुलेपन से बातचीत हो सके। प्रधानमंत्री ने इस दिशा में कार्यरत संगठनों और विशेषज्ञों की सराहना करते हुए कहा कि उनका प्रयास दूसरों को ठीक होने और खुशहाल जीवन जीने की राह दिखाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाना और समर्थन जुटाना है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश ने एक बार फिर इस तथ्य को रेखांकित किया है कि शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व देना ज़रूरी है। यह केवल एक व्यक्तिगत मुद्दा नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की सामूहिक प्रगति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। इस संदेश को लोगों ने बड़ी संख्या में साझा किया और सराहा, यह मानते हुए कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुली बातचीत समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मज़बूत कदम है।





