जमशेदपुर : लंबे समय से संगठन से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता राजकुमार श्रीवास्तव ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी दायित्वों से त्यागपत्र देने की घोषणा की है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को भेजे अपने पत्र में कहा कि वे पिछले करीब 45 वर्षों से संगठन के लिए समर्पित भाव से कार्य करते आ रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें कोई ठोस जिम्मेदारी नहीं दी गई और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की मेहनत को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज पार्टी में ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जो केवल पद पाने के उद्देश्य से जुड़े हैं, जबकि जमीन स्तर पर वर्षों से काम करने वाले कार्यकर्ता उपेक्षित रह जाते हैं। इससे पुराने कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और संगठन में निराशा का माहौल बन रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी कार्यक्रमों में भी आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी सीमित हो गई है तथा कई बार उन्हें नेताओं से मिलने तक से रोका जाता है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं को टूटने से बचाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में उनकी बातों की भी अनदेखी हो रही है। उन्होंने संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह पर भी पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने और संपन्न लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
अपने त्यागपत्र में उन्होंने यह भी कहा कि मानगो नगर निगम चुनाव के दौरान उनकी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव मेयर पद की प्रत्याशी हैं, जो वर्षों से पार्टी से जुड़ी रही हैं। बावजूद इसके पार्टी नेतृत्व ने उनसे दूरी बनाए रखी और चुनाव के दौरान कोई संवाद स्थापित नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शहर आने के बावजूद उनसे मिलने नहीं पहुंचे।
श्रीवास्तव ने कहा कि घोर उपेक्षा और निराशा की स्थिति के कारण वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं, हालांकि पार्टी और उसके विचारों के प्रति सम्मान उनके मन में बना रहेगा। उन्होंने अपने पत्र में आग्रह किया है कि उनका त्यागपत्र स्वीकार किया जाए और भविष्य में मार्गदर्शन मिलता रहे।






