सरकारी उपेक्षा का शिकार गरीब रामधन, भीख मांगकर जीवन यापन को मजबूर

Raj Sharma
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Mohit Kumar

दुमका: झारखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। जिले के बुरुडीह हिजला गांव निवासी गरीब व असहाय रामधन को अब तक सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। स्थिति यह है कि राशन कार्ड होने के बावजूद उन्हें समय पर अनाज नहीं मिल रहा, जिससे मजबूर होकर वे द्वार-द्वार भीख मांगकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

रामधन ने बताया कि उनके पास राशन कार्ड मौजूद है, लेकिन राशन डीलर की मनमानी के कारण उन्हें नियमित रूप से राशन नहीं दिया जा रहा है। पेट की आग बुझाने के लिए उन्हें गांव-गांव भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग सक्षम हैं, उन्हें तो सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है, लेकिन उनके जैसे कई गरीब और असहाय लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

रामधन का कहना है कि गांव में ऐसे कई परिवार हैं, जिनके पास राशन कार्ड होने के बावजूद समय पर अनाज नहीं मिल पाता। यह स्थिति डीलर की खुली मनमानी और सरकारी तंत्र की उदासीनता को उजागर करती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी राशन डीलर पर कार्रवाई की जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

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