रामगढ़ (झारखंड)।
झारखंड के रामगढ़ जिले में बुधवार को चोपड़ारू गांव के पास स्थित खेत के पास एक जंगली हाथी का शव मिलने से इलाके में खलबली मच गई। हाथी का शव देखकर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और इसके पोस्ट‑मार्टम की तैयारी शुरू कर दी।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथी के शव पर किसी भी प्रकार के घातक चोट या चोटिल होने के निशान नहीं पाए गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह मौत स्वाभाविक कारणों या बीमारी के चलते कमजोरी के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, सटीक कारण का पता पोस्ट‑मार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा।
जांच और सुरक्षा कदम
रेंज अधिकारी आर. के. सिंह ने बताया कि आसपास के जंगल और इलाके में हाथियों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। मृत हाथी की पहचान कर उसके स्वास्थ्य इतिहास और पिछले मूवमेंट का डेटा जांचा जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के पास न जाएँ और किसी भी घायल या संदिग्ध हाथी को अकेले न छुएं।
यह घटना उस समय सामने आई है जब रामगढ़ जिले में मानव‑हाथी संघर्ष की घटनाएँ बढ़ रही हैं। दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में जिले के कई इलाकों में wild elephants के चलते फसलों और घरों को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग पहले ही ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील कर चुका है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि हाथी का शव खेत के पास मिलने से डर और चिंता बढ़ गई है। कई लोग बच्चों और पशुओं को घर के अंदर रखने को कह रहे हैं। वहीं कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग से अनुरोध किया कि हाथियों के मूवमेंट पर निगरानी बढ़ाई जाए ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
वन विभाग की चेतावनी और आगे की कार्रवाई
वन विभाग ने कहा है कि मृत हाथी का शव सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पोस्ट‑मार्टम किया जाएगा। इसके अलावा, आसपास के जंगल में हाथियों की गतिविधियों की निगरानी और सुरक्षा उपायों को कड़ा किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि
- हाथियों और जंगली जानवरों के पास न जाएँ,
- घायल या संदिग्ध जानवरों को अकेले न छुएँ,
- किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
वन अधिकारियों का कहना है कि जिले में वन्यजीवों और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता है। मृत हाथी के कारण होने वाली जांच से भविष्य में मानव‑हाथी संघर्ष को कम करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।





