कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 25 लाख फर्जी वोट डाले गए, जो कुल मतदाता संख्या का लगभग 12 प्रतिशत है। राहुल गांधी के अनुसार, यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसके जरिए कांग्रेस की जीत को हार में बदला गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने 5.21 लाख डुप्लिकेट वोटरों की पहचान की है।
अपने आरोपों के समर्थन में राहुल गांधी ने कुछ उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने बताया कि एक ब्राज़ीलियन मॉडल की तस्वीर हरियाणा की मतदाता सूची में अलग-अलग नामों सीमा, स्वीटी और सरस्वती के साथ 22 बार इस्तेमाल की गई है। उनके मुताबिक, यह दिखाता है कि फर्जी वोट कितने संगठित तरीके से चुनावों को प्रभावित कर रहे थे। राहुल ने कहा कि पहली बार पोस्टल बैलेट और असली वोटों के आंकड़े मेल नहीं खाए, जबकि सभी एग्ज़िट पोल कांग्रेस की जीत का संकेत दे रहे थे।
𝗧𝗵𝗲 𝗘𝗖 𝗵𝗮𝘀 𝘁𝗵𝗲 𝘀𝗼𝗳𝘁𝘄𝗮𝗿𝗲 𝘁𝗼 𝗿𝗲𝗺𝗼𝘃𝗲 𝗱𝘂𝗽𝗹𝗶𝗰𝗮𝘁𝗲𝘀.
𝗪𝗵𝘆 𝗶𝘀 𝘁𝗵𝗲 𝗘𝗖 𝗻𝗼𝘁 𝘂𝘀𝗶𝗻𝗴 𝗶𝘁?
𝗕𝗲𝗰𝗮𝘂𝘀𝗲 𝗶𝗳 𝘁𝗵𝗲𝘆 𝗿𝗲𝗺𝗼𝘃𝗲 𝘁𝗵𝗲𝗺, 𝘁𝗵𝗲𝗿𝗲 𝘄𝗼𝘂𝗹𝗱 𝗯𝗲 𝗳𝗮𝗶𝗿 𝗲𝗹𝗲𝗰𝘁𝗶𝗼𝗻𝘀 𝗮𝗻𝗱 𝘁𝗵𝗲 𝗘𝗖 𝗱𝗼𝗲𝘀𝗻’𝘁… pic.twitter.com/47IRVaLgjo
— Congress (@INCIndia) November 5, 2025
राहुल गांधी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दो दिन बाद मुख्यमंत्री के एक वीडियो में वह “व्यवस्था” की बात करते दिखाई दे रहे थे, जो यह साबित करता है कि चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए कुछ न कुछ खेल किया गया।
उन्होंने दावा किया कि हजारों बीजेपी नेता और कार्यकर्ता दो जगहों पर मतदाता के रूप में दर्ज हैं। राहुल के मुताबिक, पलवल जिला परिषद के उपाध्यक्ष के घर पर ही 66 वोटर पंजीकृत हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति के पते पर 500 वोटर मिले। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा, दोनों राज्यों में एक ही व्यक्ति वोट डाल रहा है।
उन्होंने मतदाता सूची में ‘हाउस नंबर ज़ीरो’ के नाम पर फर्जी एंट्री का मामला भी उठाया। राहुल का कहना है कि कई ऐसे लोग जिन्हें बेघर दिखाया गया है, वे वास्तव में अपने घरों में रहते पाए गए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जनता को सच नहीं बता रहा और सच्चाई को छुपाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि अब बिहार चुनाव में भी इसी तरह की “सत्ता चोरी” की कोशिश की जाएगी। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग जानबूझकर चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची उपलब्ध कराता है, ताकि गड़बड़ी पकड़ने में समय न मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम करने की बजाय बीजेपी की मदद कर रहा है।
वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट के खिलाफ कोई आपत्ति या अपील दर्ज नहीं कराई गई और 90 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 22 चुनाव याचिकाएं अदालत में लंबित हैं। आयोग का तर्क है कि यदि डुप्लिकेट वोटर मौजूद थे, तो यह कैसे तय किया जा सकता है कि उन्होंने बीजेपी को ही वोट दिया होगा।
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद हरियाणा की चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और अब आगे की राजनीतिक एवं कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।





