झारखंड की उप राजधानी दुमका में राज्यपाल ने किया झंडोत्तोलन, तिरंगे को दी सलामी

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Mohit Kumar

दुमकाः झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उप राजधानी दुमका में झंडोत्तोलन किया। इस मौके पर राज्यपाल ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज़ादी की इस लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, मौलाना आजाद जैसे कई नेताओं ने अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद उधम सिंह, चन्द्रशेखर आजाद सहित मातृभूमि की रक्षा हेतु सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सेनानियों को नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की माटी भी ऐसे ही अनेक वीर सपूतों की जननी रही है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति तक दे दी। इस अवसर पर मैं धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा समेत झारखंड के अन्य महान सपूतों वीर सिद्धो, कान्हू, चांद, भैरव, वीर बुधु भगत, नीलाम्बर, पीताम्बर, पाण्डेय गणपत राय, ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। इसके साथ ही राज्पाल ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए अपना बलिदान देने वाले सभी जांबाज सैन्यकर्मियों तथा पुलिसकर्मियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्यपाल श्री गंगवार ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हमारे देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है और कई क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि में हमारे राज्य का भी अहम योगदान है। राज्य के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रों में सरकार द्वारा व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी सरकार जनमानस को संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के रहन-सहन और उनके जीवन-स्तर में गुणवत्तापूर्ण बदलाव देखा जा रहा है, जो सरकार की नीतियों एवं राज्य के विकास हेतु उसके दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करती है। सरकार के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि झारखंड न केवल भारत, बल्कि विश्व क्षितिज पर भी एक उदीयमान सितारे की भांति अपनी चमक बिखेर रहा है। कहा कि किसी भी राज्य के विकास हेतु वहां बेहतर कानून-व्यवस्था का होना आवश्यक है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पुराने ब्रिटिश समय के कानूनों को हटाते हुए 3 नए कानून देश में लागू किए गए हैं। इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य दोषी को सजा दिलाने के साथ पीड़ितों को न्याय दिलाना है। कहा कि देश के कानून- व्यवस्था में यह एक ऐतिहासिक कदम है।
कहा कि राज्य में 112 नंबर पर 24 घंटे पुलिस, अग्निशमन, एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं। नक्सलियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों द्वारा निरंतर चलाये जा रहे अभियान के कारण अब तक 143 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है एवं पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ों में 6 नक्सली मारे गये हैं। नक्सलियों के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अब तक कुल 21 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

जैसे-जैसे हमारा देश डिजिटलीकरण के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, साइबर अपराध की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। हमारा झारखंड, विशेषकर संथाल परगना भी इससे अछूता नहीं है। साइबर अपराध की बढ़ती संख्या और उसकी गंभीरता को देखते हुए रांची, दुमका, हजारीबाग सहित आठ जिलों में नये साइबर थानों का सृजन किया गया है। साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 के माध्यम से अब तक 95 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गयी हैं एवं लगभग 16 करोड़ की राशि को ब्लॉक किया गया है तथा कुल 2 करोड़ 62 लाख की राशि को पीड़ितों के खातों में वापस किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे राज्य की अधिकांश आबादी गांवों में निवास करती है, जिनकी आजीवका का मुख्य साधन कृषि है। ऐसे में, किसानों की खुशहाली एवं समृद्धि राज्य के विकास की दृष्टि से अहम है। संपूर्ण राज्य के साथ ही सरकार संथाल परगना प्रमंडल में कृषि एवं कृषकों के विकास हेतु निरंतर प्रयासरत है। “झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना” राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजना है। इस वर्ष इस योजना की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है। इस योजना से अब तक कुल 4 लाख 70 हजार किसानों का लगभग 1900 करोड़ का ऋण माफ किया गया है, जिसमें संथाल परगना प्रमंडल के 1 लाख 35 हजार किसानों का 523 करोड़ रुपये की ऋण माफी भी शामिल है।

“मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना” के अन्तर्गत 22 जिलों के 226 प्रखंडों के किसान परिवारों को प्रति परिवार 3500 रूपया अग्रिम राशि दी गई है। संथाल परगना में इस योजना के तहत 5 लाख 50 हजार लाभुकों को 193 करोड़ रूपया का भुगतान किया गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों/महिला सखी मण्डल/छोटे एवं सीमांत कृषकों एवं कृषक समूहों को 90 प्रतिशत अनुदान पर 8300 पम्पसेट तथा 80 प्रतिशत अनुदान पर 500 मिनी ट्रैक्टर, पावर टीलर, रीपर एवं अन्य कृषि यंत्रों का वितरण किया जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा विगत खरीफ विपणन मौसम के दौरान धान अधिप्राप्ति योजनांतर्गत 1 लाख 70 हजार मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गयी है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिप्राप्त धान के 50 प्रतिशत मूल्य का भुगतान धान अधिप्राप्ति के साथ ही की गयी है। भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त हमारी सरकार द्वारा किसानों को 117 रूपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है। किसानों की सिंचाई की जरूरतों को पूर्ण करने के लिए सरकार द्वारा मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की परिकल्पना की गई है। इस क्रम में देवघर एवं जामताड़ा जिलान्तर्गत सारठ, करों, विद्यासागर एवं जामताड़ा प्रखंड के लगभग 13 हजार हेक्टेयर भू-भाग में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु “सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना” प्रगति पर है l गोड्डा जिले में सैदापुर वीयर एवं तरडीहा बराज के द्वारा एक हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर सिचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ।

कहा कि हमारी सरकार द्वारा वनों के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु किये जा रहे सतत् प्रयासों के कारण राज्य का वन आच्छादन बढ़कर राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 34 प्रतिशत हो गया है। विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत इस वर्ष 2 करोड़ 20 लाख पौधा रोपण करने का कार्य किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में अवस्थित वन भूमि को सुरक्षित रखने हेतु एवं स्थानीय निवासियों को स्वच्छ वातावरण के साथ-साथ रोजगार प्रदान करने हेतु विभिन्न पार्कों का निर्माण किया जा रहा है। गुमला तथा हजारीबाग में जैव विविधता पार्क, देवघर में तरुचिंतन पार्क का निर्माण प्रगति पर है l
हमारी सरकार द्वारा गांवों के पिछड़ापन को दूर करने, ग्रामीणों के जीवन-स्तर को ऊंचा करने एवं गाँवों का सर्वांगीण विकास करने के साथ उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से कई योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मनरेगा से जुडे़ मजदूरों को ससमय मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है।

संथाल परगना में मनरेगा योजनान्तर्गत 234 लाख अनुमोदित मानव दिवस के विरूद्ध अब तक 111 लाख मानव दिवस का सृजन करते हुए 387 करोड़ की राशि का व्यय किया गया है। मनरेगा के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन एवं दैनिक अनुश्रवण हेतु मेट के रूप में सखी मण्डल की दीदीयों को प्रशिक्षित करते हुए वर्तमान में लगभग 49 हजार महिलाओं को मेट के रूप में निबंधित किया गया है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। “बिरसा हरित ग्राम योजनान्तर्गत” ग्रामीणों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से इस वर्ष कुल 11 हजार 200 एकड़ भूमि पर बागवानी का कार्य किया जा रहा है। राज्य के सभी ग्रामीण गरीब परिवार की महिलाओं को सखी मंडल में संगठित कर उनको आजीविका के सशक्त साधनों से जोड़ा जा रहा है। राज्य के 2 लाख 50 हजार सखी मंडलों को लगभग 11 हजार 224 करोड़ रुपये बैंकों से क्रेडिट लिंकेज के रूप में उपलब्ध कराया जा चुका है।

कहा कि राज्य की समस्त जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। वर्ष 2024 में अब तक “जल जीवन मिशन ” के तहत 33 लाख से अधिक घरेलू परिवारों को नल जल के द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है l अब तक लगभग 2 हजार गांवों को ग्राम सभा के माध्यम से हर घर जल गांव घोषित किया जा चुका है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य में अब तक 48 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है, जिसमें दुमका प्रक्षेत्र के 12 लाख 70 हजार व्यक्तिगत शौचालय भी शामिल हैं। राज्य के किसी भी नागरिक की मृत्यु भूख से न हो, इसके लिए हम सभी सचेष्ट हैं। राज्य के अंतिम व्यक्ति तक खाद्यान्न की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाते हुए “झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना ” चलाई जा रही है। इस योजना के तहत लाभुकों को 5 किलो ग्राम चावल प्रति माह प्रति लाभुक उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में इस योजना से 16 लाख से अधिक लाभुकों को आच्छादित किया गया है। इन सभी परिवारों को प्रति माह 1 किलो ग्राम चना दाल भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही इन परिवारों को वर्ष में 2 बार अनुदानित दर पर वस्त्र उपलब्ध कराया जा रहा है।
विकास में पथों की अहमियत को ध्यान में रखते हुए राज्य में पथों के उन्नयन एवं विकास पर निरंतर बल दिया जा रहा है। पथों का घनत्व बढ़ने से राज्य की पथ यातायात व्यवस्था तो सुदृढ़ हो ही रही है, इसका सकारात्मक प्रभाव विभिन्न सेवाओं पर पड़ा है। राज्य में सुदृढ़ रोड नेटवर्क तैयार करने के उद्देश्य से युद्ध स्तर पर सड़क एवं पुल-पुलियों का निर्माण किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राज्य अंतर्गत 54 हजार से अधिक की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 633 किमी पथों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। सड़क दुर्घटना की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से सड़क सुरक्षा के भी उपाय किए जा रहे हैं।

“झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना ” के तहत संचालित बसों का पथकर से विमुक्ति, परमिट शुल्क, आवेदन शुल्क, फिटनेस जांच शुल्क एवं वाहनों का निबंधन शुल्क 1 रूपया निर्धारित किया गया है। हमारी सरकार द्वारा नये बसों के क्रय हेतु ऋण राशि पर 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी सहित विशेष वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक कुल 92 बसों को परमिट निर्गत किया गया है। दुमका में राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़े वर्ग के कुल 15 युवाओं को शत प्रतिशत छात्रवृति पर CPL प्रशिक्षण सहित Airbus 320 स्तर के वायुयान पर Type Rating प्रशिक्षण सुलभ कराने हेतु प्रस्ताव DGCA,भारत सरकार को भेजा गया है। राज्य सरकार ने आमजनों के लिए निजी/व्यावसायिक कार्यक्रमों हेतु चार्टर एयरक्राफ्ट एवं एयर एम्बुलेंस की सेवा प्रारंभ की है।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास में ऊर्जा का अहम स्थान है। लोगों को बेहतर विद्युत सुविधा मिल सके, हर गांव-शहर में बिजली पहुंचे, हमारा यह प्रयास है। राज्य के हर वर्ग के उपभोक्ताओं को सहज विद्युत आपूर्ति हेतु 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे राज्य के 41 लाख से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। संथाल परगना में विद्युत आपूर्ति में सुधार हेतु निरंतर प्रयास जारी है l किसानों को सिंचाई हेतु 2 हजार से अधिक सोलर पंप वितरित किए गए हैं एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 250 सोलर हाई-मास्ट लाइट लगाये गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र अथवा राज्य की उन्नति में वहां स्थापित उद्योगों की अहम भूमिका होती है, चाहे वह बडे़ उद्योग हों या कुटीर उद्योग अथवा लघु उद्योग। भूमंडलीकरण के इस युग में इनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गयी है। हमारा देश आज भी कृषि प्रधान देश है, किन्तु हमें औद्योगिक विकास पर भी विशेष ध्यान देना होगा। औद्योगिक विकास श्रम शक्ति के लिए रोजगार के नये द्वार भी खोलता है। विगत वर्षों में कुल 163 करोड़ रूपये का अनुदान राज्य में स्थापित उद्योगों को दिया गया है। राज्य में स्थापित टेक्सटाईल कम्पनियों द्वारा राज्य के लगभग 10 हजार युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। राज्य में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार के सृजन हेतु पांच इकाइयों के साथ MoU पर हस्ताक्षर किये गये हैं। राज्य के युवाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए “मुख्यमंत्री स्वरोजगार सृजन योजना” के माध्यम से अनुदानित दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत कुल 12 हजार 417 लाभुकों के बीच 262 करोड़ ऋण वितरित किया गया है। कौशल प्रशिक्षण के पश्चात तीन माह के भीतर नियोजित नहीं होने पर सरकार द्वारा एक हजार रूपये की सहायता प्रदान की जा रही है।

राज्य की खनिज सम्पदाओं के दोहन एवं अवैध परिवहन को नियंत्रित करने के लिए Vehicle Tracking System (VTS) प्रत्येक खनिज ढुलाई वाहनों पर लगाने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि राज्य की खनिज सम्पदा के खनन से लेकर परिवहन मार्ग एवं गंतव्य स्थल तक का Online Record रखते हुए अवैध खनन पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके। जिला स्तर पर प्रशासनिक आधारभूत संरचना को विकसित करने के उद्देश्य से धनबाद एवं गढ़वा में नये समाहरणालय भवन का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। प्रशासनिक पदाधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु रांची में ATI के नये भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। राज्य की राजधानी रांची में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की दिशा में हमारी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रांची के कोर कैपिटल एरिया में 6 एकड़ भूमि पर ग्रीन फिल्ड प्रोजेक्ट के साथ अत्याधुनिक सुविधाओं वाला 200 कमरों का “ताज होटल ” के निर्माण हेतु टाटा ग्रुप के साथ MoU किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत अब तक 1 लाख 21 हजार आवास पूर्ण किये जा चुके हैं एवं 75 हजार आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस योजना के तहत् संथाल परगना प्रक्षेत्र में 3700 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रांची में नई एवं उभरती तकनीक से निर्मित Light House Project के तहत 1 हजार 8 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए लाभुकों का गृह प्रवेश कराया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य प्राकृतिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यन्त समृद्ध है। इस दृष्टि से राज्य में पर्यटन के विकास की अपार संभावनायें हैं तथा इसे पर्यटन हब के रूप में राष्ट्रीय पटल पर जाना जा सकता है। देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ मंदिर और दुमका स्थित बासुकीनाथ मंदिर भारत ही नहीं, पूरे विश्व पटल पर किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यहां लाखों श्रद्धालु पूरे उत्साह एवं भक्ति-भाव के साथ आते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। संथाल परगना में स्थित मलूटी मंदिर समूह सांस्कृतिक विरासत के अद्भुत उदाहरण हैं। हमारी सरकार अपने इस धरोहर के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मलूटी मंदिर समूह के 20 मंदिरों के संरक्षण एवं विकास का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष 42 मंदिरों के संरक्षण एवं विकास का कार्य प्रगति पर है।

इसी तरह शिक्षाके क्षेत्र में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष पहल की गयी है। इस निमित्त 80 उत्कृष्ट विद्यालय तथा 325 प्रखण्ड स्तरीय लीडर स्कूल के साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालय पर कार्य किया जा रहा है। संथाल परगना प्रमण्डल में इस योजना के अंतर्गत 20 विद्यालयों का आधारभूत संरचना का कार्य पूर्ण कर संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। संथाल परगना प्रमण्डल के 503 विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा की व्यवस्था हेतु आईसीटी लैब स्थापित किये गए हैं। इस प्रमंडल के 168 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं तथा 86 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित की जा रही है। “साईकिल वितरण योजना” के अन्तर्गत अब तक 4 लाख छात्र/छा़त्राओं के बीच साईकिल वितरण किया जा चुका है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)- 2020 के पाठ्यक्रम के अनुसार विश्वस्तरीय मांग के अनुरूप शिक्षा प्रारंभ किया गया है। राज्य में विश्वविद्यालय शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था हेतु State Faculty Development Academy की स्थापना की जा रही है। भारतनेट के तहत अब तक 4 हजार 700 ग्राम पंचायतों/प्रखंड मुख्यालयों में Optical Fiber Cable बिछा दी गयी है। इस माध्यम से ग्राम पंचायत तक इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो रही है। सभी पंचायतों में डिजिटल पंचायत केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर डिजिटल कौशल उपलब्ध कराते हुए सभी आवश्यक सरकारी तथा गैरसरकारी ऑनलाईन सेवाओं की उपलब्धता पंचायत भवन से ही सुनिश्चित किया जाना है।

झारखंड लैंड रेकार्ड डाटा के संरक्षण हेतु Block Chain Technology का क्रियान्वयन Jharbhoomi Portal पर किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत वर्तमान में Pilot Basis पर रांची जिला के नगड़ी अंचल से इसकी शुरुआत की गई है।
राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य एवं समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने एवं किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के उद्देश्य से अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ Ambulance सेवाएं सभी जिलों में उपलब्ध करायी जा रही हैं। झारखंड राज्य का शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। सरकार इन सभी सूचकांकों को और बेहतर करने हेतु दृढ़ संकल्पित है।

मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना के माध्यम से राज्य की जनता को गुण्वत्तापूर्ण कैशलेस उच्चतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 25 लाख लाभुकों का कार्ड बन चुका है ।
सरकार ने राज्य के प्रमुख अस्पतालों के साथ अन्य अस्पतालों को सम्बद्ध कर Mentorship के माध्यम से चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों की गुणवत्ता एवं दक्षता में सुधार कर उत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु “मुख्यमंत्री अस्पताल मेंटरिंग योजना” लागू करने का निर्णय लिया है। राज्य के कुल 8 अस्पतालों को Mentor अस्पताल के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनके द्वारा नजदीकी जिला अस्पतालों को मार्गदर्शन दिया जायेगा।

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