जमशेदपुर:
मानगो आज दिनांक 13 जनवरी 2026 को झारखंड मुक्ति मोर्चा मानगो नगर समिति की ओर से नगर अध्यक्ष फतेह चन्द्र टुडू के नेतृत्व में भारत वर्ष के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद बाबा तिलका मांझी के 241वें शहादत दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बाबा तिलका मांझी चौक, डिमना स्थित आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और देशभक्ति को याद करने के लिए आयोजित किया गया।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष फतेह चन्द्र टुडू ने कहा कि बाबा तिलका मांझी ने ब्रिटिश हुकूमत को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पहाड़िया और संथाल समुदाय के साथ-साथ सभी आदिवासी संगठनों को एकजुट कर उलगुलान का बिगुल फूंका। उन्होंने यह नारा दिया कि “धरती हमारी है।” टुडू ने बताया कि बाबा तिलका मांझी ने अपने साहस और बलिदान से न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्वतंत्रता और न्याय की मशाल जलाई।
बाबा तिलका मांझी को 13 जनवरी 1785 को फांसी दी गई थी। उनके शहीद होने के बाद भी आदिवासी समुदाय ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। आज भी आदिवासी लोग उन्हें स्वतंत्रता सेनानी और नायक के रूप में याद करते हैं। नगर अध्यक्ष ने कहा कि इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर शोषण और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने की प्रेरणा ली जाती है।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से रमेश मुर्मू, प्रभात सिंह, रंजीत देव, कृष्ण हांसदा, संजू कुटिया, सनातन हांसदा, प्रधान मुदुय्या, अविनाश मिश्रा, दिनेश लोहार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। उपस्थित सभी ने मिलकर बाबा तिलका मांझी के बलिदान को याद किया और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
नगर समिति ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल आदिवासी संस्कृति और इतिहास को जीवित रखते हैं, बल्कि युवाओं में देशभक्ति और सामाजिक न्याय की भावना को भी प्रेरित करते हैं।





