फुटकर दुकानदारों के कारण ट्रैफिक प्रभावित, ‘फूलो-झानो मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स’ के उपयोग पर भी बहस
Mohit kumar
दुमका : उपराजधानी का दर्जा मिलने के बावजूद दुमका शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या लगातार बनी हुई है। शहर के बाजार क्षेत्रों में रोज लगने वाला जाम प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। फुटकर दुकानदारों के सड़क किनारे व्यवसाय करने से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आम लोगों को घंटों जाम में फंसकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। मजदूर संघ के नेता लतीफ ने कहा कि कार्रवाई के बावजूद स्थायी समाधान सामने नहीं आ पा रहा है। उनका मानना है कि राज्य सरकार यदि ठोस नीति बनाए तो इस समस्या का समाधान संभव है।
उन्होंने ‘फूलो-झानो मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बना यह परिसर फुटकर व्यवसायियों के लिए तैयार किया गया था, लेकिन न तो इसका समुचित उपयोग हो रहा है और न ही जरूरतमंद दुकानदारों को व्यवस्थित तरीके से दुकानें मिल पा रही हैं।
लतीफ ने यह भी कहा कि बड़े व्यापारी ऊंची कीमत देकर दुकानें ले लेते हैं, जबकि गरीब फुटकर दुकानदार आज भी फुटपाथ पर व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए निशुल्क और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरे और आजीविका भी प्रभावित न हो।






