देश-दुनिया के मशहूर साहित्यकारों और कलाकारों से सजा भव्य आयोजन
PUBLISHED BY ANSUMAN BHAGAT
रामाडा होटल, बिष्टुपुर में दो दिवसीय साहित्यिक महोत्सव का शानदार आगाज़
साहित्य, संवाद और सृजन का राष्ट्रीय मंच
लेखक, पत्रकार, कलाकार, प्रशासक और विचारक बने उत्सव का हिस्सा
देशभर से जुटे दिग्गज
नागपुरी भाषा में संबोधन, झारखंड की संस्कृति और हरियाली की जमकर सराहना
राजेश जैस ने जीता दिल
पत्रकारिता, व्यंग्य, चित्रकला और साहित्य के विविध सत्रों ने रचा संवाद
कविता, ग़ज़ल और विचार-विमर्श
सुनील कुमार गुर्जर की कविता और गीतों ने बांधा समां
‘राहगीर’ की संगीतमय शाम
अभिषेक चौबे और पंचायत फेम पंकज झा का खुला संवाद
सिनेमा पर बेबाक चर्चा
आबिद सुरती और मनोज कुमार सिन्हा ने साझा किए अनुभव और चुनौतियाँ
कार्टून की ताकत पर चर्चा
जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 में आचार्य अरुण प्रकाश ने दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए कहा कि दर्शन समाज को सोचने, सवाल करने और सही दिशा देने की शक्ति देता है
दर्शन की उपयोगिता पर चर्चा
मनीष पुष्कले और भज्जू सिंह श्याम ने कला संरक्षण पर दिया ज़ोर
जनजातीय कला पर खास सत्र
चित्रकला कार्यशाला में आकांक्षा सिंह और पुनीता मिश्रा की भागीदारी
वर्कशॉप ने बढ़ाया उत्साह
पद्मश्री सम्मानित कलाकारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया
सम्मान और पुरस्कार
नृत्य प्रस्तुति ने समापन समारोह में दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया
गुलाबो सपेरा का कालबेलिया नृत्य
जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 ने शहर को राष्ट्रीय साहित्यिक पहचान दिलाई, जहाँ देशभर के साहित्यकारों और कलाकारों ने इसे संवाद और सृजन का सशक्त केंद्र बना दिया।
साहित्य के मानचित्र पर उभरा जमशेदपुर
स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और जीवंत बनाया, जिससे शहर की रचनात्मक ऊर्जा राष्ट्रीय मंच पर उभरकर सामने आई
शहर के कलाकारों का भी सहयोग
संदीप मुरारका और विद्या दीप फाउंडेशन के प्रयासों से यह फेस्टिवल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रचनात्मक संवाद का केंद्र बना
साहित्य और कला को मिला नया आयाम
जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का सफल आयोजन संदीप मुरारका की पहल और नेतृत्व में संपन्न हुआ