एक्सएलआरआई शुरू करेगा डॉक्टोरल प्रवेश परीक्षा, देश को मिलेंगे नए ‘प्रबंधन चिंतक’

एक्सएलआरआई-जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने अपने डॉक्टोरल प्रोग्राम्स FPM और EFPM में एडमिशन के लिए XSET 2026 परीक्षा घोषित की है। परीक्षा 4 जनवरी 2026 को देशभर के 12 शहरों में कंप्यूटर आधारित होगी। संस्थान का उद्देश्य भारत में शोध-आधारित मैनेजमेंट थॉट लीडर्स तैयार करना है।

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4 जनवरी 2026 को 12 शहरों में आयोजित होगी परीक्षा, FPM और EFPM में दाखिले का अवसर

जमशेदपुर: एक्सएलआरआई जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने उच्च प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने प्रतिष्ठित शोध आधारित कार्यक्रम फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (एफपीएम) और एग्जीक्यूटिव फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (ईएफपीएम) में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की चयन परीक्षा की घोषणा की है। यह परीक्षा ‘जेवियर स्कॉलर एंट्रेंस टेस्ट’ के नाम से रविवार, 4 जनवरी 2026 को देशभर के 12 शहरों में कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जाएगी।

संस्थान प्रशासन का कहना है कि भारत में प्रबंधकों की कमी नहीं है, लेकिन अब ज़रूरत ऐसे प्रबंधन चिंतकों की है जो शोध पर आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए न केवल व्यावसायिक निर्णय लें, बल्कि नई नीतियों, व्यवसाय मॉडलों तथा संगठनात्मक रणनीतियों को दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। इसी सोच के साथ एक्सएलआरआई ने अपने डॉक्टोरल कार्यक्रमों को इस प्रकार विकसित किया है कि शोधार्थी शिक्षा, उद्योग, परामर्श, नवाचार और प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में प्रभावी योगदान दे सकें।

पिछले 75 वर्षों से देश-विदेश में उत्कृष्ट प्रबंधन शिक्षा का केंद्र बने एक्सएलआरआई में शोध के लिए अनेक विशेष क्षेत्रों का विकल्प उपलब्ध है। इसमें अर्थशास्त्र, वित्त, मानव संसाधन प्रबंधन, विपणन, सूचना प्रणाली, रणनीति, उद्यमिता, संचार, कानून, आचार, उत्पादन, संचालन, निर्णय विज्ञान और संगठनात्मक व्यवहार जैसे विषय शामिल हैं। शोधार्थियों को गहन पाठ्यक्रम, सेमिनार, परियोजना कार्य और प्रबंध शोध प्रबंध के दौरान वरिष्ठ विद्वानों का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। पूर्णकालिक शोधार्थियों के लिए आर्थिक सहायता और छात्रावास सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। एफपीएम एंड रिसर्च के एसोसिएट डीन, डॉ. जे. अजीत कुमार ने कहा कि एक्सएलआरआई में विविध पृष्ठभूमि और अनुभव वाले शोधार्थी एक साझा बौद्धिक मंच तैयार करते हैं, जिससे मुक्त रूप से नए विचार जन्म लेते हैं और देश को नीति तथा प्रबंधन क्षेत्र में नए नेतृत्वकर्ता मिलते हैं।

चयन परीक्षा में शोध विषयों के प्रति रुचि, प्रबंधन सिद्धांतों की समझ, तार्किक व विश्लेषणात्मक क्षमता और नैतिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया जाएगा। साक्षात्कार के लिए पात्र होने हेतु न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक रहेंगे, हालांकि विभिन्न विशेषज्ञता क्षेत्रों में यह सीमा अधिक भी हो सकती है। संस्थान की ओर से बताया गया है कि परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है तथा इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

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