सरायकेला (संवाददाता – के. दुर्गा राव): वीरध्वजपुर गांव में आषाड़ी पूजा का पारंपरिक आयोजन धूमधाम से किया गया। ग्रामीणों ने अच्छी फसल, खुशहाली और मौसम की कृपा के लिए सामूहिक ग्राम पूजा संपन्न की, जिसमें गांव के प्रमुख लोगों की सक्रिय सहभागिता रही।
पूजा का मुख्य अनुष्ठान ग्राम पुजारी चंद्रमोहन सिंह सरदार और नरहरी सरदार के द्वारा विधिवत रूप से संपन्न कराया गया। इस अवसर पर पागा सरदार, शिवनाथ सरदार, राजेन सरदार, मोहन सरदार, सुशील, कार्तिक, गणेश, शिवचरण, सत्यचरण, पंकज, सहदेव मुंडा सहित दर्जनों ग्रामीण श्रद्धा और भक्ति के साथ उपस्थित रहे।
पारंपरिक परंपरा और सामूहिकता की मिसाल
आषाड़ी पूजा गांव की सामूहिक संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक मानी जाती है। यह पूजा खास तौर पर खेती-बारी से जुड़ी खुशहाली और सुरक्षा की कामना के लिए की जाती है। ग्रामीण इस अवसर पर अपने पूर्वजों और प्रकृति देवताओं का स्मरण करते हुए उन्हें सम्मान देते हैं।
संस्कृति से जुड़ाव का प्रतीक
इस प्रकार के आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था को बल देते हैं, बल्कि गांव के लोगों के बीच आपसी सहयोग, भाईचारे और एकता को भी मजबूत करते हैं। आषाड़ी पूजा ग्रामीण जीवनशैली और पारंपरिक विरासत का अहम हिस्सा है, जिसे हर साल श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।






