रांची/सरायकेला (ललित प्रेम) : झारखंड सरकार ने राज्य में शराब की खुदरा दुकानों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरायकेला-खरसावाँ समेत सभी जिलों में अब एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही नकली या अपमिश्रित शराब की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।
कौन करेगा निगरानी?
जिला उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने सभी सीओ और बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खुदरा शराब दुकानों का नियमित निरीक्षण और औचक जांच करें। यदि कहीं एमआरपी से ज्यादा दाम पर शराब बिकती पाई गई या मिलावटी शराब बेची जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
5 दुकानें पहले ही बंद
मैनपावर कंपनियों से वापस लेकर खोली गई 827 दुकानों में से 5 दुकानें बंद की जा चुकी हैं। 2 दुकानें रांची और 2 धनबाद में, जहां अधिक मूल्य पर शराब बेचने की शिकायत पाई गई। 1 दुकान दुमका में श्रावणी मेले के कारण बंद हुई है।
सरकार की नीति में बदलाव
1 सितंबर से नई उत्पाद नीति 2025 लागू की जाएगी। वर्तमान में आंशिक संशोधन के साथ 2022 की नीति के तहत शराब की खुदरा बिक्री हो रही है।
मैनपावर सप्लाई कंपनियों से दुकानें वापस लेकर, अब कॉरपोरेशन के माध्यम से बिक्री की जा रही है। दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को दैनिक मजदूरी पर रखा गया है।
“झारखंड के प्रमुख जिलों में शराब दुकानों की संख्या (2024)”
जिला दुकानों की संख्या
रांची 86
पूर्वी सिंहभूम. 62
हजारीबाग. 61
साहिबगंज 50
बोकारो 49
धनबाद 43
पश्चिम सिंहभूम 37
सरायकेला 36
दुमका 33
देवघर 25
कुल सक्रिय दुकानें 822 / 1452
प्रशासन का उद्देश्य
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा, मुनाफाखोरी और काला बाज़ारी पर लगाम तथा अनैतिक व्यापार पर पूर्ण रोक लगाना है।






