जमशेदपुर : जमशेदपुर सुपर लीग अब अपने समुदायिक विस्तार को नई दिशा देने जा रही है। इस वर्ष लीग के साथ मदर्स एंड फादर्स लीग की भव्य शुरुआत होने जा रही है, जो शहर में फुटबॉल संस्कृति को परिवारों के बीच और मजबूत करेगी। देश में सबसे समावेशी ग्रासरूट फुटबॉल फेस्टिवल माने जाने वाले इस आयोजन में पिछले साल मिले ज़बरदस्त प्रतिसाद के बाद इस बार और भी बड़ी भागीदारी देखने को मिलेगी। यह शहर में कम्युनिटी फुटबॉल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस वर्ष मदर्स लीग में 11 टीमें और 132 प्रतिभागी शामिल होंगे, जो जमशेदपुर की महिलाओं के बीच फुटबॉल को लेकर बढ़ते उत्साह का स्पष्ट संकेत है। वहीं फादर्स लीग में 16 टीमें और कुल 192 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं – प्रत्येक टीम में 12 खिलाड़ी होंगे। यह परिवारों द्वारा सामूहिक रूप से खेल को अपनाने की बढ़ती प्रतिबद्धता को दिखाता है।
दोनों लीगें मुख्य जमशेदपुर सुपर लीग के साथ ही आयोजित होंगी, जिसमें इस वर्ष 1200 से अधिक बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। सभी मैच जमशेदपुर में प्रत्येक रविवार को खेले जाएंगे, जिससे पूरे शहर में हर सप्ताह फुटबॉल का माहौल बनेगा।
इन लीगों की शुरुआत और विस्तार जमशेदपुर सुपर लीग के मूल उद्देश्य को और मजबूत करता है – हर उम्र और हर पृष्ठभूमि के लिए फुटबॉल की समान भागीदारी। माता-पिता को भी मैदान में उतरने का मौका मिलना न सिर्फ खेल को परिवारों में जोड़ता है, बल्कि बच्चों में भी खेल के प्रति प्रेरणा और अनुशासन बढ़ाता है।
जमशेदपुर FC के ग्रासरूट्स एवं यूथ डेवलपमेंट प्रमुख कुंदन चंद्रा ने कहा – “यह पिछले साल के पहले एडिशन की तुलना में कहीं बड़ा आयोजन है। रिस्पॉन्स शानदार रहा है। जब माता-पिता खुद मैदान पर उतरते हैं, तो फुटबॉल एक स्वाभाविक पारिवारिक संस्कृति बन जाती है। ऐसे सामुदायिक टूर्नामेंट खेल में निरंतर रुचि बनाए रखने और जमशेदपुर में फुटबॉल को जीवित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।”
इस सप्ताह से शुरू हो रही मदर्स एंड फादर्स लीग के साथ, जमशेदपुर सुपर लीग एक बार फिर ग्रासरूट व कम्युनिटी डेवलपमेंट के मजबूत मॉडल के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराने जा रही है। करीब 1200 बच्चों और सैकड़ों अभिभावकों की सहभागिता के साथ, शहर अपनी फुटबॉल यात्रा का एक और जीवंत और यादगार अध्याय लिखने को तैयार है।






