चाईबासा : नव वर्ष 2026 के पावन अवसर पर गुरुवार, 1 जनवरी को रोटरी क्लब चाईबासा द्वारा सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए लगातार 163वां मासिक रक्तदान सह जागरूकता शिविर का आयोजन स्थानीय ब्लड बैंक, सदर अस्पताल चाईबासा में किया गया। शिविर में रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया गया।
शिविर का शुभारंभ प्रथम रक्तदाता अमित चौबे, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिव चरण हासदा एवं रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर द्वारा संयुक्त रूप से केक काटकर एवं रक्तदान कर किया गया। इस अवसर पर सभी ने नव वर्ष में मानव सेवा के इस अभियान को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश दिया।
शिविर की विशेष बात यह रही कि पति-पत्नी रितेश मुँधड़ा एवं शीतल मुँधड़ा ने एक साथ रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके उपरांत महिला रक्तदाता मानवी देवगम ने रक्तदान कर महिला सहभागिता को भी मजबूती प्रदान की।
रोटरी क्लब द्वारा आज के प्रथम रक्तदाता अमित चौबे एवं अपने जीवन में पहली बार रक्तदान करने वाले दिव्य प्रकाश को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। दोपहर तीन बजे तक शिविर में दो महिला रक्तदाताओं सहित कुल 14 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया, जबकि समाचार लिखे जाने तक रक्त संग्रह की प्रक्रिया जारी थी।
शिविर की जानकारी देते हुए रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने बताया कि नव वर्ष 2013 से लेकर नव वर्ष 2026 तक हर वर्ष 1 जनवरी को यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, जो इस दिन का 14वां आयोजन है। यह निरंतरता रोटरी क्लब की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
रोटरी क्लब के अध्यक्ष विकास दोदराजका ने बताया कि क्लब द्वारा रक्तदान शिविर की शुरुआत 1 जुलाई 2012 से की गई थी। यह शिविर स्वर्गीय हरभजन सिंह खोखर की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य जरूरत के समय आमजन को रक्त की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने शिविर के सफल आयोजन में निरंतर सहयोग के लिए खोखर परिवार की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उनका सहयोग इसी प्रकार मिलता रहेगा।
आज के शिविर को सफल बनाने में रोटरी क्लब के सदस्य गुरमुख सिंह खोखर, महेश खत्री, सुशील मुँधड़ा, रितेश मुँधड़ा, शीतल मुँधड़ा, पुनीत सेठिया, राजेश राठौर, दीपक प्रसाद, अशोक गुप्ता, रमेश दत्तानी तथा ब्लड बैंक के इंद्रनील का सराहनीय योगदान रहा।





