12 जनवरी को गोली मारकर की गई थी हत्या, पुलिस जांच को मिलेगी गति

Raj Sharma
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जमशेदपुर ग्रामीण : गालूडीह थाना क्षेत्र के उलदा पंचायत अंतर्गत खड़िया कॉलोनी में हुए टारापद महतो हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी ने आखिरकार कानून के आगे घुटने टेक दिए। इस सनसनीखेज मामले में फरार आरोपी जगन्नाथ गोराई ने सोमवार को जमशेदपुर सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस और पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 जनवरी की शाम करीब 7:30 बजे खड़िया कॉलोनी में प्रज्ञा केंद्र संचालक टारापद महतो को अपराधियों ने गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

घटना के बाद गालूडीह थाना में हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस ने इस कांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जबकि एक आरोपी जगन्नाथ गोराई लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही थी।

लगातार दबाव और संभावित गिरफ्तारी की आशंका के बीच फरार आरोपी जगन्नाथ गोराई, जो कि कनपूटा, घोड़ाबांधा (टेल्को) का निवासी बताया जा रहा है, ने सोमवार को जमशेदपुर सिविल कोर्ट में एसडीजेएम की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण के बाद आरोपी से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है, ताकि हत्या के पीछे की साजिश, आपसी रंजिश और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका का खुलासा हो सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी तथा इसमें कितने लोग शामिल थे।

गालूडीह थाना पुलिस का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के आत्मसमर्पण से अब इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच को निर्णायक मोड़ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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