चाकुलिया एयरस्ट्रिप वेस्ट प्लांट में भीषण आग, जंगल और पर्यावरण को बड़ा नुकसान

Raj Sharma
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शरारती तत्वों द्वारा आग लगाने की आशंका, स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर काबू पाया

चाकुलिया (घाटशिला), 19 जनवरी 2026, विशेष संवाददाता।
चाकुलिया नगर पंचायत के एयरस्ट्रिप इलाके में स्थित ठोस अपशिष्ट (वेस्ट) प्लांट में शनिवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि आसपास के इलाकों में काले धुएं की चादर फैल गई, जिससे न सिर्फ वनस्पति और पर्यावरण को नुकसान हुआ, बल्कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया। घटना के समय कुछ लोग आग लगने की शरारती गतिविधि का शक जता रहे हैं, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

स्थानीय लोगों ने देखा आग का भयंकर रूप

स्थानीय निवासी और दुकानदार बताते हैं कि सुबह के समय कचरे के ढेर में अचानक लपटें उठीं, जो देखते ही देखते फैल गईं। आस-पास के इलाके में धुआं इतना घना हो गया कि दृश्यता लगभग शून्य हो गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में बंद हो गए। कुछ लोगों ने तुरंत वन विभाग और दमकल विभाग को सूचना दी।

दमकल और वन विभाग ने मिलकर किया काबू

आग को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय वनकर्मी और ग्राम पंचायत के लोग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआती प्रयासों में आग पर काबू पाना मुश्किल था, जिसके बाद बहरागोड़ा अग्निशमन केंद्र को बुलाया गया। दमकल की टीम ने कई घंटे की मेहनत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया

जंगल और पर्यावरण को नुकसान

आग की चपेट में

  • पास के पेड़-पौधे झुलस गए,
  • धुआं आस-पास के इलाकों में फैल गया, जिससे हवा गंभीर रूप से प्रदूषित हुई,
  • आसपास के वनस्पति और छोटे जीवों को खतरा उत्पन्न हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आग समय रहते नियंत्रित न की जाती, तो यह जंगल की ओर फैलकर बड़ा नुकसान कर सकती थी।

शरारती तत्वों का शक

स्थानीय प्रशासन और कुछ ग्रामीण मानते हैं कि यह आग साधारण ढेर में लगी सामान्य आग नहीं, बल्कि किसी शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर लगाई गई प्रतीत होती है। पुलिस और वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के धुएं में मौजूद विषैले तत्व बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों के लिए साँस संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन और सिरदर्द का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासी बताते हैं कि आग लगने के समय बच्चे और बुजुर्ग घरों में बंद रहे और कुछ ने मास्क पहनकर ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखाई।

कचरा प्रबंधन की खामियाँ उजागर

विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि यह घटना कचरा प्रबंधन की गंभीर कमियों को उजागर करती है। चाकुलिया वेस्ट प्लांट में

  • लंबे समय से अपशिष्ट जमा है,
  • कोई नियमित संचालन या सफाई व्यवस्था नहीं है,
  • सुरक्षा उपायों का अभाव है।

इन कारणों से आग लगने और फैलने का खतरा अधिक बढ़ गया।

आगे की कार्रवाई और प्रशासन की चेतावनी

  • जिला प्रशासन और वन विभाग ने कहा है कि स्थानीय निगरानी बढ़ाई जाएगी,
  • आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे,
  • कचरे के सुरक्षित निपटान और प्लांट की नियमित सफाई पर तुरंत ध्यान दिया जाएगा

स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों ही इस घटना को सावधानी और जागरूकता का सबक मान रहे हैं।

स्थानीय प्रतिक्रिया

  • कुछ व्यापारी कहते हैं कि “अगर प्रशासन समय रहते निगरानी बढ़ाता, तो इतना नुकसान नहीं होता।”
  • ग्रामीणों का कहना है कि “धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया।”
  • पर्यावरण विशेषज्ञों ने आग से फैलने वाले प्रदूषण और स्वास्थ्य खतरों की चिंता जताई।

 

 

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