सपनों की उड़ान: मस्ती की पाठशाला के बच्चों को मिली पहली हवाई यात्रा, टाटा स्टील फाउंडेशन और एयर इंडिया एक्सप्रेस की अनूठी पहल

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जमशेदपुर : आसमान में उड़ते हवाई जहाजों को देखकर सपने संजोने वाले वंचित तबके के बच्चों के लिए वह सपना अब हकीकत बन गया। क्रिसमस के उल्लासपूर्ण अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस और टाटा स्टील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मस्ती की पाठशाला के बच्चों के लिए एक विशेष ‘जॉय फ्लाइट’ अनुभव का आयोजन किया गया, जिसने बच्चों को न केवल पहली हवाई यात्रा कराई, बल्कि उनके आत्मविश्वास और कल्पनाशक्ति को भी नई उड़ान दी।

इस पहल के तहत लगभग 150 बच्चों को शिक्षकों एवं फसिलिटेटर्स के साथ जमशेदपुर से बिरसा मुंडा हवाई अड्डा, रांची लाया गया। हवाई अड्डे पर बच्चों की मुलाकात एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों और केबिन क्रू से कराई गई, जहाँ बच्चों ने विमानन जगत से जुड़े सवाल पूछे और नई जानकारियाँ हासिल कीं।

दोपहर 12:30 बजे बच्चों ने रांची एयरस्पेस में 45 मिनट की जॉय फ्लाइट का अनुभव किया। अधिकांश बच्चों के लिए यह जीवन की पहली हवाई यात्रा थी। जैसे ही विमान ने उड़ान भरी, बच्चों के चेहरों पर रोमांच, खुशी और उत्सुकता साफ झलक रही थी। खिड़की से बादलों और धरती का दृश्य देखकर बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई। उड़ान के दौरान उन्हें इन-फ्लाइट भोजन भी परोसा गया, जिससे यह अनुभव और भी यादगार बन गया।

इस आयोजन में टाटा स्टील फाउंडेशन ने आईटीआई तमार में स्थल एवं भोजन की व्यवस्था कर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। टाटा स्टील फाउंडेशन के सीईओ सौरव रॉय ने कहा कि यह जॉय फ्लाइट क्रिसमस की सच्ची भावना को दर्शाती है, जो बच्चों में आशा, आत्मविश्वास और बड़े सपने देखने की प्रेरणा जगाती है। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ यह साझेदारी भविष्य में बच्चों और समुदायों के लिए और भी सार्थक अवसर सृजित करेगी।

हवाई यात्रा पूरी होने के बाद बच्चों के चेहरों पर संतोष और अविस्मरणीय खुशी साफ दिखाई दे रही थी। यह जॉय फ्लाइट उनके लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि उम्मीदों, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम साबित हुई।

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