बागुनहातु में तीन दिवसीय बाल मेला में सैकड़ों बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, प्रतियोगिताओं और स्वास्थ्य शिविर का भी हुआ आयोजन

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जमशेदपुर: बागुनहातु स्थित दुर्गा पूजा मैदान में प्रसादचतुर्भुज फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय बाल मेला हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। स्वर्गीय चतुर्भुज प्रसाद जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 500 से अधिक बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में चंद्रगुप्त सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर बाल मेला का विधिवत शुभारंभ किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दूसरे दिन आयोजित मैराथन एवं योग कार्यक्रम के दौरान सरयू राय, विधायक, जमशेदपुर पश्चिमी ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट वितरित की और बैलून उड़ाकर मैराथन की शुरुआत कराई। इस अवसर पर टाटा फाउंडेशन से आदर्श गुप्ता ने भी दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत सराहनीय हैं और भविष्य में भी हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा
तीनों दिनों में ड्रॉइंग, रंगोली, मेहंदी, फैंसी ड्रेस, समूह नृत्य, बूगी-वूगी और मैराथन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास, ऊर्जा और उत्साह के साथ मंच पर अपनी प्रस्तुति दी। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
विजेता प्रतिभागियों को आनंद बिहारी दुबे जी द्वारा ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही समाज के सक्रिय सदस्यों और आयोजन समिति के सहयोगियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर बना आकर्षण का केंद्र
बाल मेला के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें नेत्र, दंत, शुगर एवं ब्लड प्रेशर की जांच की गई। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने शिविर का लाभ उठाया और आयोजकों के इस प्रयास की सराहना की।

एकता और प्रतिभा को मंच देने का उद्देश्य
समापन समारोह में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाल मेला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना तथा समाज में एकता, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना की भावना को मजबूत करना है।

तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने न केवल बच्चों को आनंद और आत्मविश्वास दिया, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक सहभागिता का भी सशक्त संदेश दिया।

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