देशभर में सर्दी शुरू होने का वक्त करीब है और लोग अभी से सोच रहे हैं कि इस बार ठंड कितनी पड़ेगी। पिछले सालों की तरह क्या फिर वही जमाने वाली ठिठुरन देखने को मिलेगी? लेकिन भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस चर्चा को फिलहाल विराम दे दिया है। विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय मोहापात्रा ने साफ कर दिया है कि इस साल की सर्दी सामान्य रहेगी। यानी न हड्डियां कंपा देने वाली ठंड और न ही बहुत हल्की सर्दी मौसम इस बार बिल्कुल बैलेंस मोड में दिखाई देगा।
IMD के अनुमान बताते हैं कि दिन के तापमान में हल्की गिरावट होगी, लेकिन रातें उतनी ज्यादा ठंडी नहीं जाएंगी जितना आमतौर पर उत्तर भारत में होता है। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में सर्दी अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज करवाएगी, लेकिन परत दर परत ऊनी कपड़ों की जरूरत शायद कम ही पड़े। विशेषज्ञों की मानें तो इस बार तापमान में भारी बदलाव इसलिए नहीं दिखेगा क्योंकि ला नीना की स्थिति कमजोर बनी हुई है। मौसम विज्ञान में यह माना जाता है कि मजबूत ला नीना के दौरान चरम ठंड की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन इस बार हालात ऐसे नहीं हैं।
दूसरी तरफ, भारतीय महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) भी धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है। समुद्री सतह के तापमान में यह संतुलन भारत के मौसम को भी संतुलित बनाए रखेगा ना ज्यादा ठंड और ना कोई असामान्य गर्मी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब पश्चिमी विक्षोभ बार-बार सक्रिय रहते हैं तो पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं का प्रवाह सीमित हो जाता है, जिससे रात के तापमान में बड़ी गिरावट नहीं हो पाती। इस बार यह परिस्थिति भी ठंड को “काबू में” रखेगी।
पिछले महीने की बारिश ने भी इस सर्दी के स्वरूप को प्रभावित किया है। अक्टूबर 2025, मॉनसून की वापसी में देरी और समुद्री तापमान के असर के कारण, पिछले पांच सालों की तुलना में सबसे ज्यादा बरसात वाला महीना रहा। कई जगहों पर हुई भारी और अति-भारी वर्षा ने वातावरण में नमी बनाए रखी है, जो कड़ाके की ठंड को बढ़ने नहीं देगी।
इस बीच, राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार के बावजूद AQI “खराब” श्रेणी में ही है। जैसे-जैसे तापमान गिरेगा और हवा की गति कम पड़ेगी, प्रदूषण और भी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ अपनाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, इस साल की सर्दी एकदम संतुलित रहने वाली है। IMD ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही “कड़क सर्दी” वाली अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट्स पर भरोसा करें। सर्दी आएगी जरूर, लेकिन इस बार वो अपने साथ राहत भी लेकर आएगी।





