चांडिल ( के दुर्गा राव): रूदिया पंचायत के दालग्राम गांव में प्राथमिक विद्यालय दालग्राम का पुराना भवन अब पूरी तरह खंडहर में बदल चुका है और ग्रामीणों के लिए मौत का जाल बनकर खड़ा है। 16 मार्च 2025 को इसी भवन की छत गिरने से एक मासूम बच्चे और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।
खेल-खेल में मंडरा रहा खतरा
लगातार हो रही भारी बारिश ने खतरा और बढ़ा दिया है। किसी भी समय यह जर्जर ढांचा धराशायी हो सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नया स्कूल भवन बन जाने के बावजूद बच्चे खेल-खेल में पुराने खतरनाक ढांचे के पास और नीचे नजर आते हैं, जो उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा है।
शिक्षकों और ग्रामीणों की पुकार
विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापक जहर दास सिंह ने बताया कि पुराने भवन को गिराने के लिए आवेदन दिया जा चुका है और सीआरपी नारायण उपाध्याय को मामले से अवगत कराया गया है। उपाध्याय ने भी पुष्टि की कि आवेदन जिला कार्यालय भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चांडिल प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी दिनेश दंडपात से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बच्चों और गांववासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन को तत्काल गिराया जाए। खासकर श्री हरि मंदिर के पास होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक बैठकों में बरामदे का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे दर्जनों जानें हर वक्त खतरे में रहती हैं।
प्रशासन कब जागेगा?
अब सवाल यह है—क्या विभाग किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने और जर्जर भवन को ध्वस्त करने की अपील की है, ताकि मासूमों की जान बच सके।






