नई दिल्ली: देश की नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव से जोड़ने के लिए एनसीईआरटी ने बड़ा फैसला लिया है। अब स्कूली पाठ्यपुस्तकों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भी शामिल किया जाएगा। इस निर्णय को सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों और देशवासियों ने राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सेना की बहादुरी अब बनेगी बच्चों की प्रेरणा
सेना के वायु रक्षा विभाग के कर्नल (सेवानिवृत्त) राजीव खाकेरा ने कहा:
“गन और मिसाइल सिस्टम के साथ वायु रक्षा इकाई ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शानदार प्रदर्शन किया। यह युवाओं को सेना से जोड़ने में बेहद मददगार होगा।”
लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) कपिल दत्त ने भी कहा:
“यह निर्णय छात्रों में उत्साह और प्रेरणा का संचार करेगा।”
विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) प्रफुल्ल बख्शी ने इसे आतंकवाद के अंत का प्रतीक बताते हुए कहा कि:
“देश की नई पीढ़ी को इस ऑपरेशन के बारे में जानना ज़रूरी है।”
राष्ट्रगौरव से जुड़ी शिक्षा होगी अब पाठ्यक्रम का हिस्सा
जनरल पी.एस. मल्होत्रा (सेवानिवृत्त) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ जैसे अभियानों की भी सराहना करते हुए कहा कि:
‘‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पाठ्यक्रम में शामिल करना भारत की राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करेगा।”
अगले सत्र से लागू होगी नई शिक्षा पहल
एनसीईआरटी की यह पहल अगले शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। यह निर्णय भारतीय शिक्षा प्रणाली में सैन्य इतिहास और राष्ट्रीय स्वाभिमान को जोड़ने की बड़ी शुरुआत मानी जा रही है।






