कोल्हान में नक्सल नेटवर्क को करारा झटका, 22 लाख के तीन इनामी माओवादी गिरफ्तार

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  • इंसास, AK-47, पिस्टल और सैकड़ों कारतूस बरामद, अब एक करोड़ के इनामी असीम मंडल पर सुरक्षा एजेंसियों का फोकस

सरायकेला। कोल्हान और सारंडा के जंगलों में सक्रिय माओवादी संगठन को पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में बड़ा झटका लगा है। सुरक्षाबलों ने 15 लाख, 5 लाख और 2 लाख रुपये के इनामी तीन हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से माओवादी संगठन के नेटवर्क और लेवी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है तथा अब सुरक्षा एजेंसियों का अगला लक्ष्य एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश को पकड़ना है।

गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी बिरेन सिंह उर्फ सागर उर्फ रवि सरदार तथा उसकी पत्नी 2 लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़िया उर्फ मौरा उर्फ नीपू शामिल हैं। इनके पास से एक AK-47 रायफल, एक इंसास रायफल, 9 एमएम पिस्टल, तीन बंडल कोडेक्स वायर, एक मोटरोला वॉकी-टॉकी, एक पल्सर मोटरसाइकिल तथा कुल 403 जिंदा कारतूस (AK-47 के 361 और 9 एमएम के 42) सहित अन्य सामान बरामद किया गया।

पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि मदन महतो करीब 25 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय था और उसके खिलाफ झारखंड तथा पश्चिम बंगाल में 41 मामले दर्ज हैं। वह 62 पुलिस एवं सुरक्षाबलों के जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में आरोपी रहा है। सिलदा ईएफआर कैंप हमला, काकड़ाझोर लैंडमाइन विस्फोट, बुरुडीह डैम आईईडी ब्लास्ट, सांसद सुनील महतो हत्याकांड और टोंटो के तुम्बाहाका जंगल में हुए विस्फोट जैसी कई चर्चित घटनाओं में उसकी भूमिका रही है।

बिरेन सिंह संगठन का रणनीतिकार माना जाता था। उसके खिलाफ 43 मामले दर्ज हैं। कुकड़ नरसंहार और वर्ष 2019 में कुकड़ू बाजार में हुए नक्सली हमले सहित कई बड़ी घटनाओं में उसकी संलिप्तता सामने आई है। वह हमलों की योजना बनाने, दस्तों का नेतृत्व करने और नए कैडरों को तैयार करने का काम करता था।
मीना पहाड़िया संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ मानी जाती थी। उसके खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं। वह आईईडी और लैंडमाइन लगाने, विस्फोटकों की आपूर्ति, संदेश पहुंचाने तथा रसद व्यवस्था संभालने में सक्रिय थी।

प्रारंभिक पूछताछ में तीनों के एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से हथियारों के ठिकानों, लेवी नेटवर्क, सहयोगियों और भूमिगत दस्तों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।
पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना मिलने के बाद आईजी (ऑपरेशन) स्तर पर रणनीति तैयार की गई और पुलिस तथा सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने गोपनीय अभियान चलाकर तीनों को गिरफ्तार किया।

पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने कहा कि अभियान का अगला लक्ष्य असीम मंडल उर्फ आकाश समेत संगठन के बचे हुए नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। वहीं, सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार सिंह ने इस सफलता का श्रेय पुलिस अधीक्षक और संयुक्त टीम को देते हुए कहा कि लोडेड हथियारों से लैस खूंखार नक्सलियों को गिरफ्तार करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि अब बचे हुए नक्सलियों के खिलाफ भी अभियान तेज किया जाएगा।

संयुक्त छापेमारी दल में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी, सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार, एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज, एसएसबी, कोबरा 203, झारखंड जगुआर, कांड्रा, चांडिल और नीमडीह थाना पुलिस सहित कई अधिकारी और जवान शामिल थे।

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