जमशेदपुर:
NAAC A+ ग्रेड से मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान नागरजुना कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु द्वारा जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित दि सॉनेट होटल में एक भव्य शिक्षक सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन College Guide Experts के सहयोग से किया गया, जिसमें जमशेदपुर सहित कोल्हान क्षेत्र के अनेक शिक्षकों, शैक्षणिक सलाहकारों, करियर काउंसलर्स एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के साथ अकादमिक सहयोग को मजबूत करना, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवीन तकनीकी परिवर्तनों, उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों, रिसर्च आधारित शिक्षा तथा छात्रों के करियर विकास से जुड़े अवसरों पर गहन चर्चा करना रहा। कार्यक्रम के दौरान बदलते शैक्षणिक परिदृश्य, नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभाव तथा वैश्विक शिक्षा मानकों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन में कॉलेज की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि Mr. Nilamber ने नागरजुना कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की शैक्षणिक उपलब्धियों, अत्याधुनिक अधोसंरचना, अनुभवी एवं योग्य फैकल्टी तथा उद्योग से जुड़े व्यावहारिक पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कॉलेज में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र, स्टार्ट-अप सहयोग, इंटर्नशिप और उत्कृष्ट प्लेसमेंट सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नागरजुना कॉलेज का मुख्य लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को कौशल-आधारित, मूल्यपरक और रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करना है। कॉलेज निरंतर नवाचार, रिसर्च, इंडस्ट्री एक्सपोज़र और होलिस्टिक डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
सम्मेलन के दौरान शिक्षकों एवं शैक्षणिक सलाहकारों के साथ इंटरएक्टिव सेशन भी आयोजित किए गए, जहाँ उन्होंने छात्रों के करियर मार्गदर्शन, प्रवेश प्रक्रिया, स्कॉलरशिप, प्लेसमेंट अवसरों और उच्च शिक्षा से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं पर चर्चा की। शिक्षकों ने कॉलेज की पहल की सराहना करते हुए इसे छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने सम्मेलन को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अत्यंत सफल बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक संवाद और सहयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग एवं समन्वय को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।





