के दुर्गा राव
कांड्रा : पदमपुर (बालीडीह) की धरती पर फुटबॉल का जुनून उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब डिबा-किशुन मेमोरियल क्लब की ओर से आयोजित भव्य फुटबॉल टूर्नामेंट का शानदार समापन हुआ। 48 टीमों की जोरदार भिड़ंत, मैदान पर खिलाड़ियों का जुनून और दर्शकों की जबरदस्त मौजूदगी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। रोमांचक मुकाबलों के बीच एएसएएम राहरगोड़ा ने दमदार प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया।
फाइनल मुकाबले में एएसएएम राहरगोड़ा के खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन किया। जीत के बाद खिलाड़ियों और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
विजेता एएसएएम राहरगोड़ा को 1.20 लाख रुपये और ट्रॉफी, जबकि उपविजेता शिवांश स्पोर्टिंग को 80 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की गई। रघुनाथ एफसी तीसरे तथा बाबा इलेवन चौथे स्थान पर रहे। दोनों टीमों को 40-40 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
वहीं शुभम स्पोर्टिंग पदमपुर, एएए हरिहरपुर, सीतारामपुर एफसी और किस्कू स्पोर्टिंग चांडिल को पांचवें से आठवें स्थान तक रहने पर 20-20 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया।
मैदान पर हुनर का सम्मान, खिलाड़ियों पर हुई पुरस्कारों की बारिश
प्रतियोगिता में टीम पुरस्कारों के साथ-साथ खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सम्मान मिला। मैन ऑफ द मैच, सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम सहित कई श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
यूनिक स्पोर्ट्स वियर के संचालक नीरज सिंह की ओर से प्रत्येक मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यूनिक स्पोर्ट्स वियर के कांड्रा और चांडिल में दो काउंटर संचालित हैं।
जब मैदान में पहुंचे ‘कपिल देव’, खिलाड़ियों का जोश हुआ दोगुना

टूर्नामेंट का सबसे खास और यादगार पल तब आया, जब भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज कपिल देव मैदान में पहुंचे। उन्हें देखते ही खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का उत्साह देखते ही बना। क्लब के अध्यक्ष कृष्णा बास्के ने बुके भेंट कर कपिल देव का गर्मजोशी से स्वागत किया।
कपिल देव के साथ आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड के निदेशक महेश अग्रवाल, घनेश्याम अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, निर्मल अग्रवाल तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा भी मौजूद रहे। क्लब के सदस्यों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
कपिल देव ने कहा – जीत से ज्यादा जरूरी खेल भावना
खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कपिल देव ने कहा कि खेल में जीत और हार से ज्यादा महत्वपूर्ण अनुशासन, मेहनत और खेल भावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच देती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर अभ्यास करने और अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने की अपील की।
कृष्णा बास्के बोले – युवाओं को मंच देना ही क्लब का उद्देश्य
क्लब अध्यक्ष कृष्णा बास्के ने कहा कि डिबा-किशुन मेमोरियल क्लब का उद्देश्य केवल फुटबॉल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभावान युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का अवसर देना है। 48 टीमों की भागीदारी यह साबित करती है कि क्षेत्र में फुटबॉल के प्रति युवाओं का जुनून लगातार बढ़ रहा है। क्लब भविष्य में भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े आयोजन करता रहेगा।
अतिथियों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांड्रा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार मुर्मू तथा रापचा पंचायत की मुखिया सुकमति मार्डी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया, उनका उत्साह बढ़ाया तथा विजेता समेत विभिन्न टीमों को पुरस्कार प्रदान किए।
पूरे टूर्नामेंट का संचालन उद्घोषक सिकंदर सोरेन, लूना हांसदा और संतोष टुडू ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में क्लब अध्यक्ष कृष्णा बास्के, सचिव दिकू किस्कू, सह सचिव इन्द्रो मुर्मू, कोषाध्यक्ष बीरधान बास्के, खेलाराम हेंब्रम, गौतम महतो, राजेश भगत, लाल बाबू महतो, रविंद्र हांसदा समेत क्लब के सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समापन समारोह में गोपाल महतो, रामदास टुडू, सोनाराम मार्डी, राम महतो, पवन हांसदा, भादो टुडू, गोरखा हांसदा, उदय मार्डी,होनी सिंह मुंडा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और खेल प्रेमी मौजूद रहे।






