Jamshedpur : टाटानगर स्टेशन पर मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़

3 Min Read

जमशेदपुर : रेलवे सुरक्षा बल (RPF), अपराध अन्वेषण शाखा (CIB) और उड़नदस्ते की संयुक्त कार्रवाई में टाटानगर रेलवे स्टेशन से मानव तस्करी के संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। ‘ऑपरेशन AHTU (Anti-Human Trafficking Unit)’ के तहत की गई इस कार्रवाई में तीन मानव तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं और सात नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर चली कार्रवाई

यह विशेष अभियान शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे 22861 इस्पात एक्सप्रेस के आगमन के समय शुरू हुआ। प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर खड़ी ट्रेन के डी-1 और डी-2 कोच में सादी वर्दी में तैनात सुरक्षा बलों ने अचानक छापेमारी की। गुप्त सूचना थी कि नाबालिग बच्चों को पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है।

बच्चों से पूछताछ के दौरान उनके जवाब असंगत और डरभरे लगे। जांच टीम को शक हुआ और सभी को ट्रेन से उतारकर आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां गहन पूछताछ की गई।

तीन दलाल गिरफ्तार, बच्चों को दिलाया नया जीवन

पूछताछ में जिन तीन तस्करों की पहचान हुई, वे हैं: रैपसान गनी (33 वर्ष), शेख बशीरुद्दीन (27 वर्ष), मसरुल आलम (21 वर्ष)। तीनों पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और बाल श्रमिकों की आपूर्ति करने वाले एजेंट हैं। इन्होंने स्वीकार किया कि वे बच्चों को झूठे वादों के ज़रिए ईंट-भट्टों, खेतों और फैक्ट्रियों में काम दिलाने के बहाने बंगाल ले जाते थे।

इनके पास से तीन मोबाइल फोन और ₹1,300 नकद जब्त किए गए, जिसकी अनुमानित कुल कीमत ₹61,300 आंकी गई है। सभी तस्करों को जीआरपी टाटानगर के हवाले कर जेल भेज दिया गया है।

नाबालिगों को चाइल्डलाइन को सौंपा गया

13 से 17 वर्ष की उम्र के सात नाबालिगों को चाइल्डलाइन की निगरानी में सौंपा गया है, जहां उनके पुनर्वास, परामर्श और देखभाल की व्यवस्था की जा रही है।

झारखंड-ओड़िशा से होता था बाल तस्करी का नेटवर्क

पकड़े गए दलालों ने बताया कि वे झारखंड और ओड़िशा के ग्रामीण क्षेत्रों से बच्चों को नौकरी का झांसा देकर बहलाते थे और फिर बंगाल के ठेकेदारों को बेच देते थे। बच्चों से दिन-रात काम लिया जाता, लेकिन मेहनताना दलालों की जेब में चला जाता।

बाल तस्करी पर करारा प्रहार

रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—

“हम मानव तस्करी के खिलाफ पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं। ‘ऑपरेशन AHTU’ की सफलता इस बात का संकेत है कि सजगता, समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई से इस गंभीर अपराध को रोका जा सकता है।”

यह ऑपरेशन मानव तस्करी करने वालों के लिए सख्त चेतावनी है कि अब ऐसे अपराध कानून के शिकंजे से नहीं बच सकते।

Share This Article